विस्तृत उत्तर
उत्तर कांड की परंपरा में भृगु श्राप का वर्णन राम अवतार के भविष्य से जुड़ा माना जाता है। कथा में बताया जाता है कि भगवान विष्णु ने एक समय महर्षि भृगु की पत्नी का वध किया था। इससे क्रोधित होकर भृगु ने विष्णु को मनुष्य जन्म और पत्नी-वियोग का श्राप दिया। राम चूँकि विष्णु के अवतार हैं, इसलिए इस श्राप का फल रामकथा में सीता-वियोग के रूप में दिखाई देता है। यह व्याख्या राम के दुःख को केवल राजकीय या सामाजिक घटना नहीं रहने देती, बल्कि उसे पुराणिक कर्मफल और ईश्वरीय लीला से जोड़ती है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
