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विस्तृत उत्तर
वैकुण्ठ में भय, शोक, चिंता और आसक्ति का प्रवेश नहीं है। इसी कुंठा-रहित अवस्था के कारण इसे वैकुण्ठ कहा गया।
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वैकुण्ठ में भय और चिंता नहीं होते।
वैकुण्ठ में भय, शोक, चिंता और आसक्ति का प्रवेश नहीं है। इसी कुंठा-रहित अवस्था के कारण इसे वैकुण्ठ कहा गया।
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