विस्तृत उत्तर
वृंदा को अत्यंत अशुभ और भयावह सपना आया था। उसने देखा कि उसका पति जालंधर नग्न अवस्था में है, उसके शरीर पर तेल लगा है, वह काले भैंसे पर सवार है और काले पुष्पों की माला पहने हुए है। चारों ओर पिशाच नाच रहे हैं और उसकी स्वर्ण नगरी समुद्र में डूब रही है। यह सब मृत्यु और विनाश के संकेत माने जाते हैं। जागने पर वृंदा ने सूर्य में भी छिद्र जैसा अपशकुन देखा। वह व्याकुल होकर नगर से बाहर वन में चली गई। यही स्वप्न विष्णु की माया का पहला चरण था, जिसने वृंदा को मानसिक रूप से विचलित कर दिया।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
