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प्रश्न प्रकार

शिव क्यों सम्बन्धित प्रश्न(210)

शिव क्यों पर शास्त्रीय व्याख्या और उत्तर — कुल 210 सम्बन्धित प्रश्न उपलब्ध हैं।  शिव को शंकर, महादेव, भोलेनाथ के रूप में भी जाना जाता है।

शिव कब (19)शिव क्यों (210)शिव कैसे (208)शिव कौन (129)भगवान शिव (36)देव शिव (6)
शिव क्यों पर पूछे गए प्रश्न
  1. शिव जी रुद्राक्ष क्यों धारण करते हैं?
  2. पाशुपतास्त्र का नाम 'पाशुपत' क्यों पड़ा?
  3. मार्कण्डेय कौन थे और उनकी आयु केवल 16 वर्ष क्यों थी?
  4. सती बिना बुलाए दक्ष के यज्ञ में क्यों गईं?
  5. शिव मंत्र जप के बाद शांति का अनुभव क्यों होता है?
शिव महिमा

शिव जी रुद्राक्ष क्यों धारण करते हैं?

शिव जी रुद्राक्ष इसलिए धारण करते हैं क्योंकि रुद्राक्ष उनके अपने नेत्रों के अश्रु से उत्पन्न उनका ही स्वरूप है। शिव पुराण के अनुसार रुद्राक्ष महापापों का नाशक, भक्ति का प्रतीक और लोककल्याणकारी है।

#रुद्राक्ष#शिव#आत्मस्वरूप
दिव्यास्त्र

पाशुपतास्त्र का नाम 'पाशुपत' क्यों पड़ा?

पाशुपतास्त्र का नाम भगवान शिव के 'पशुपति' नाम से है जिसका अर्थ है 'सभी जीवों के स्वामी'। यह शिव के उस अस्त्र का प्रतीक है।

#पाशुपतास्त्र#पशुपति#नाम अर्थ
दिव्यास्त्र

मार्कण्डेय कौन थे और उनकी आयु केवल 16 वर्ष क्यों थी?

मार्कण्डेय मृकण्डु ऋषि के पुत्र थे। उनके माता-पिता ने गुणवान अल्पायु पुत्र का वरदान चुना था, इसीलिए शिव के वरदान से उनकी आयु केवल 16 वर्ष निश्चित हुई।

#मार्कण्डेय#मृकण्डु ऋषि#शिव
शिव महिमा

सती बिना बुलाए दक्ष के यज्ञ में क्यों गईं?

सती बिना बुलाए इसलिए गईं क्योंकि पिता के घर के प्रति स्वाभाविक मोह था और उन्हें लगा कि पुत्री को निमंत्रण की आवश्यकता नहीं। शिव ने मना किया था, परंतु सती की पुत्री-भावना प्रबल रही और वे यज्ञ में पहुँच गईं।

#सती दक्ष यज्ञ#सती#पिता का घर
शिव मंत्र

शिव मंत्र जप के बाद शांति का अनुभव क्यों होता है?

मंत्र ध्वनि से शरीर-मन में शांतिकारी कंपन उत्पन्न होते हैं। एकाग्रता से चित्तवृत्ति निरोध होता है। श्वास नियमित होती है। ॐ (प्रणव) चेतना को उच्च स्तर पर ले जाता है। शिव पुराण: भक्ति भाव से शिव कृपा प्राप्त होती है। संचित कर्म क्षय से आत्मा हल्की होती है।

#शांति#मंत्र प्रभाव#ध्वनि कंपन
शिव अवतार

शरभ अवतार क्यों और कैसे हुआ?

शरभ अवतार नृसिंह भगवान के असंयत क्रोध को शांत करने के लिए हुआ। हिरण्यकश्यप के वध के बाद नृसिंह का क्रोध थमा नहीं। शिव ने आठ पैर वाले शरभ रूप में उन्हें पूंछ में लपेटकर क्रोध शांत किया।

#शरभ अवतार#नृसिंह क्रोध#शिव अवतार
गणेश कथा

गणेश जी का सिर हाथी का क्यों है, शिव पुराण में क्या कारण बताया है?

शिव पुराण के अनुसार शिव जी ने क्रोध में गणेश जी का सिर काट दिया था। पार्वती के क्रोध को शांत करने के लिए शिव ने पुत्र को पुनर्जीवित करने का वचन दिया। उत्तर दिशा में मिले हाथी के बच्चे का सिर लाकर जोड़ा गया और इस प्रकार गणेश जी गजमुख हुए।

#गणेश हाथी सिर#शिव पुराण#गजमुख
शिव अवतार

भैरव अवतार क्यों हुआ था?

भैरव अवतार ब्रह्मा जी के अहंकार के कारण हुआ। ब्रह्मा ने शिव के विषय में अपमानजनक वचन कहे, जिससे शिव क्रोधित हुए और उनकी भृकुटि से काल भैरव प्रकट हुए। भैरव ने ब्रह्मा का पाँचवाँ सिर काटकर अहंकार का नाश किया।

#भैरव अवतार#काल भैरव#ब्रह्मा अहंकार
तंत्र साधना

अघोरी साधक शव साधना क्यों करते हैं — इसका रहस्य क्या है?

'सबमें शिव' — शव = शिव रूप। भय नाश (मृत्यु भय), अहंकार शून्य, द्वंद्व नाश (अद्वैत), ऊर्जा ग्रहण। अत्यंत उन्नत — सामान्य के लिए नहीं। गुरु+कानूनी।

#अघोरी#शव साधना#रहस्य
शिव पूजा नियम

शिवलिंग पर केतकी का फूल चढ़ाना क्यों वर्जित माना गया है?

शिव पुराण (विद्येश्वर संहिता): ब्रह्मा-विष्णु के श्रेष्ठता विवाद में शिव ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए। ब्रह्मा जी ने ऊपरी छोर देखने का झूठ बोला — केतकी ने झूठी गवाही दी। शिव ने क्रुद्ध होकर केतकी को श्राप दिया — शिव पूजा में सदा के लिए वर्जित। यह सर्वमान्य निषेध है, निर्णयसिंधु में भी पुष्टि मिलती है।

#केतकी#केवड़ा#शिवलिंग
शिव लीला

अंधकासुर को अंधक क्यों कहा गया?

अंधकार में जन्म होने के कारण उसका नाम अंधक पड़ा। पार्वती की आँखें ढकने से जगत में अंधकार छा गया था, उसी अंधेरे में शिव के पसीने की बूँदों से वह प्रकट हुआ। वह जन्म से दृष्टिहीन जैसा भी था।

#अंधक नाम#अंधकासुर#नाम का कारण
शिव ध्यान

शिव ध्यान में आज्ञा चक्र पर ध्यान क्यों लगाते हैं?

शिव का तीसरा नेत्र = आज्ञा चक्र। इड़ा+पिंगला = सुषुम्ना मिलन (अद्वैत = शिव)। बीज मंत्र 'ॐ' = शिव मंत्र। सहस्रार (शिव) का प्रवेश द्वार। मन शांत = शिव अवस्था।

#आज्ञा चक्र#तीसरा नेत्र#कारण
महादेव उपासना

महादेव को प्रणवयुक्त मंत्रों से नमस्कार क्यों करना चाहिए?

विष्णु ने ब्रह्मा से कहा कि महादेव का सद्भाव जानकर प्रणवयुक्त साममंत्रों से उन्हें नमस्कार करें, अन्यथा वे क्रोधित हो सकते हैं।

#महादेव#प्रणवयुक्त मंत्र#साम मंत्र
शिवमाहात्म्य

शिव को जगत का कारण क्यों कहा गया?

विष्णु ने शिव को जगत का कारण, प्राचीन पुरुष, सभी कारणों का मूल बीज, निर्विकार और एकमात्र ज्योति कहा।

#शिव#जगत कारण#प्राचीन पुरुष
शिव माया

ब्रह्मा और विष्णु एक-दूसरे को क्यों नहीं पहचान पाए?

वे महात्मा शिव की माया से मोहित थे, इसलिए ब्रह्मा विष्णु को पहचान नहीं पाए और दोनों अपने-अपने आदिकर्ता भाव में बोलने लगे।

#ब्रह्मा#विष्णु#शिव माया
शिव नाम

शिव को वेदशास्त्ररूप क्यों कहा गया है?

स्तुति में शिव को वेदशास्त्ररूप, भुवनेशदेव, वेदगर्भ, गर्भरूप और विश्वगर्भ कहा गया है।

#वेदशास्त्ररूप#भुवनेशदेव#वेदगर्भ
शिव नाम

शिव को महायोगी क्यों कहा गया है?

स्तुति में शिव को रोग-विकारशून्य अनन्त, शाश्वत, वरिष्ठ, वारिगर्भ और महायोगी महेश्वर कहा गया है।

#महायोगी#महेश्वर#अनन्त शिव
शिव नाम

शिव को गणों का स्वामी क्यों कहा गया है?

स्तुति में शिव को गणों का अधिपति कहा गया है और उसी के साथ उन्हें गंधी तथा गुहा से भी गुह्यतम रुद्र कहा गया है।

#गणों के अधिपति#रुद्र#गुह्यतम
शिव स्तुति

विष्णु ने शिव की स्तुति क्यों की?

विष्णु ने वेद-वाक्य से शिव को जानकर, उमा-महेश्वर और पाँच मंत्रों का दर्शन पाकर वरदाता ईशान परमेश्वर की स्तुति की।

#विष्णु#शिव स्तुति#महादेव
प्रणव ओम्

प्रणव ओम् को ब्रह्म क्यों कहा गया है?

प्रणव ओम् को रुद्र, परम कारण, सत्य-आनन्द, अमृतरूप परम ब्रह्म और सृष्टिकर्ता लिंगरूप प्रणव का वाचक बताया गया है।

#प्रणव#ओम्#ब्रह्म
अघोर मंत्र

अघोर मंत्र का रोज जप क्यों करें?

सभी पापों से मुक्ति के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य को अघोर मंत्र का नित्य जप करने के लिए कहा गया है।

#अघोर मंत्र#नित्य जप#द्विज
अघोर मंत्र

अघोर मंत्र क्यों जपा जाता है?

अघोर मंत्र सभी प्रकार के पातक, उपपातक, मानसिक, वाचिक, कायिक और अनेक पापों की शुद्धि के लिए जपा जाता है।

#अघोर मंत्र#अघोरेश्वर#शिव
श्रद्धा और शिवदर्शन

लिंग में श्रद्धापूर्वक शिव पूजा क्यों करनी चाहिए?

शिव ने द्विजों को लिंग में श्रद्धापूर्वक सदा पूजा करने का निर्देश दिया और श्रद्धा को दर्शन-फल देने वाली बताया।

#लिंग पूजा#श्रद्धा#शिव पूजा
वाराणसी और पार्वती प्रश्न

काशी को अविमुक्त क्षेत्र क्यों कहा गया है?

वाराणसीपुरी को अविमुक्त क्षेत्र कहा गया है, जहाँ शिव और रुद्राणी का संवाद बताया गया है।

#काशी#वाराणसी#अविमुक्त क्षेत्र
योग बाधाएँ

योग में श्रद्धा क्यों जरूरी है?

योग के साधन, साध्य, गुरु, ज्ञान, आचार और शिव में श्रद्धा न होना अश्रद्धा है, जो योग में बाधा बनती है।

#श्रद्धा#अश्रद्धा#गुरु
पाशुपत योग

शिव को पशुपति क्यों कहा जाता है?

देवता से पिशाच तक सभी प्राणी पशु कहे गए हैं; उनके पति यानी स्वामी होने के कारण शिव पशुपति हैं।

#पशुपति#शिव#पशु
शंकर महिमा

शिव के आश्रित पापी नरक में क्यों नहीं जाते?

क्योंकि शंकरजी का आश्रय लेने वाले मुक्ति पाते हैं और शिवजी के शाश्वत पद को प्राप्त होते हैं।

#शिव आश्रय#पापी#नरक
शंकर महिमा

केवल विषय त्याग अस्थायी क्यों है?

आत्मानात्मविवेक रूप विशिष्ट ज्ञान के बिना किया गया क्षणिक विषयत्याग ज्ञानरहित और अस्थायी बताया गया है।

#विषय त्याग#आत्मानात्म विवेक#ज्ञान
शंकर महिमा

शिव स्थाणु क्यों कहलाए?

रुद्रात्मक सृष्टि से निवृत्त होकर निष्कल आत्मा वाले शंकर अधिष्ठित हुए, इसलिए उनका स्थाणुत्व बताया गया।

#शिव#स्थाणु#रुद्र
सती और रुद्र

पुत्री को पुन्नामक नरक से रक्षा करने वाली क्यों कहा गया?

ब्रह्मा ने दक्ष से सती की सेवा करने को कहा और पाठ में पुत्री को पुन्नामक नरक से रक्षा करने वाली बताया गया।

#पुत्री#पुन्नामक नरक#सती
शिव तत्त्व

महेश्वर एक ही क्यों बताए गए हैं?

असंख्य कल्प, पितामह और विष्णु उत्पन्न होते हैं, पर महेश्वर मात्र एक बताए गए हैं।

#महेश्वर#असंख्य कल्प#ब्रह्मा
शिव तत्त्व

सदाशिव सर्वात्मक क्यों कहे गए हैं?

सदाशिव भव, विष्णु, ब्रह्मा आदि रूपों में स्थित होने और लोकों तथा पितामह के रूप में कहे जाने से सर्वात्मक बताए गए हैं।

#सदाशिव#सर्वात्मक#भव
शिव तत्त्व

शिव को जगत का बीज क्यों कहा गया है?

शिव को बीजरहित होकर भी जगत् का बीज यानी मूल कारण कहा गया है।

#शिव#जगत बीज#बीज
शिव तत्त्व

शिवजी ने ब्रह्मा को परम ज्ञान क्यों दिया?

मधु-कैटभ के संसर्ग से नष्ट ज्ञानवाले ब्रह्मा को परम ज्ञान देने के लिए शिव का प्रादुर्भाव बताया गया है।

#शिव#ब्रह्मा#परम ज्ञान
शिव तत्त्व

शिव लिंग रूप क्यों धारण करते हैं?

महेश्वर शिव सृष्टि, पालन और संहाररूप लीला के लिए लिङ्गस्वरूप धारण करते हैं।

#शिव#लिंग रूप#महेश्वर
शिव तत्त्व

सदाशिव को परमात्मा क्यों कहा गया है?

क्योंकि सदाशिव को सृष्टि, स्थिति और अंत का कारण तथा ब्रह्मा-विष्णु-शिवरूपात्मक कहा गया है।

#सदाशिव#परमात्मा#सृष्टि
लोक

शिव ने दुर्वासा को क्यों नहीं बचाया

शिव जी ने कहा कि सुदर्शन चक्र को वे भी नहीं रोक सकते।

#शिव#दुर्वासा#सुदर्शन चक्र
लोक

नाभाग को रुद्र ने धन क्यों दिया

नाभाग की सत्यनिष्ठा और निर्लोभता से प्रसन्न होकर रुद्र ने उन्हें धन दिया।

#नाभाग#रुद्र#शिव कृपा
लोक

जालंधर का तेज शिव में क्यों विलीन हुआ?

जालंधर शिव की क्रोधाग्नि से उत्पन्न था, इसलिए उसका तेज शिव में लौट गया।

#जालंधर तेज#शिव#विलय
लोक

जालंधर को शिव ही क्यों मार सकते थे?

जालंधर शिव-तेज से उत्पन्न था, इसलिए उसका अंत शिव के हाथों ही संभव था।

#जालंधर वध#शिव#ब्रह्मा भविष्यवाणी
लोक

जालंधर ने शिव का रूप क्यों लिया?

जालंधर ने पार्वती को छलने के लिए शिव का रूप धारण किया।

#जालंधर माया#शिव रूप#पार्वती
लोक

शिव मंदिरों पर कीर्तिमुख क्यों बना होता है?

कीर्तिमुख शिव मंदिरों का द्वार-रक्षक और दुष्ट दृष्टि को रोकने वाला प्रतीक है।

#कीर्तिमुख मंदिर#शिव मंदिर#द्वार रक्षक
लोक

भस्मासुर कथा में भगवान विष्णु ने शिव जी को क्यों बचाया?

विष्णु जी ने शिव जी की रक्षा इसलिए की क्योंकि भस्मासुर शिव के वरदान का दुरुपयोग कर धर्म और सृष्टि को संकट में डाल रहा था।

#विष्णु ने शिव को बचाया#भस्मासुर#हरि हर
लोक

ब्रह्मा और शिव जल्दी वरदान क्यों देते हैं?

पुराणों में ब्रह्मा और शिव तपस्या से शीघ्र प्रसन्न होकर सकाम वरदान देने वाले देवों के रूप में वर्णित हैं।

#ब्रह्मा शिव#वरदान#पुराण
लोक

शिव जी जल्दी प्रसन्न क्यों हो जाते हैं?

शिव जी करुणामय आशुतोष हैं; वे सरल भाव, जल, बेलपत्र या कठोर तप से भी शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।

#आशुतोष#शिव प्रसन्न#वरदान
लोक

शिव भक्त जल्दी धनवान क्यों होते हैं?

शुकदेव जी के अनुसार शिव जी सकाम भक्तों को उनके गुण और इच्छा के अनुसार शीघ्र भौतिक वरदान दे देते हैं।

#शिव भक्त#धन#परीक्षित प्रश्न
लोक

भस्मासुर ने शिव जी को मारने की कोशिश क्यों की?

भस्मासुर ने शिव जी को इसलिए मारना चाहा क्योंकि वह वरदान की परीक्षा और पार्वती को पाने की लालसा में अंधा हो गया था।

#भस्मासुर#शिव#कृतघ्नता
लोक

शिव जी ने भस्मासुर को तुरंत क्यों नहीं मारा?

शिव जी ने उसे तुरंत इसलिए नहीं मारा क्योंकि ऐसा करने से उनके दिए वरदान की मर्यादा टूट जाती।

#शिव#भस्मासुर#वरदान
लोक

शिव जी भस्मासुर से क्यों भागे?

शिव जी अपने दिए हुए वरदान की मर्यादा बचाने के लिए भस्मासुर से भागे।

#शिव भागे#भस्मासुर#वरदान मर्यादा
लोक

भस्मासुर शिव जी के पीछे क्यों भागा?

भस्मासुर शिव जी के पीछे इसलिए भागा क्योंकि वह अपने वरदान को उन्हीं पर आजमाना चाहता था।

#भस्मासुर#शिव पीछा#वरदान
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