विस्तृत उत्तर
शिव जी ने दुर्वासा को इसलिए नहीं बचाया क्योंकि सुदर्शन चक्र भगवान विष्णु के भक्त की रक्षा के लिए चल रहा था। दुर्वासा स्वयं रुद्र-अंश माने जाते हैं, इसलिए उन्हें लगा कि शिव उनकी रक्षा करेंगे। पर शिव ने स्पष्ट कहा कि सुदर्शन चक्र परमेश्वर का अमोघ अस्त्र है और वैष्णव भक्त के प्रति अपराध में वे भी हस्तक्षेप नहीं कर सकते। शिव ने दुर्वासा को यह भी समझाया कि अब रक्षा केवल भगवान विष्णु की शरण से ही संभव है। यह प्रसंग बताता है कि भक्त-अपराध के मामले में देवताओं की शक्ति भी सीमित हो जाती है।
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