विस्तृत उत्तर
भृगु ऋषि के श्राप का कृष्ण अवतार से संबंध मुख्यतः मानव जन्म और सांसारिक संघर्ष के स्तर पर समझा जाता है। श्राप में विष्णु को पृथ्वी पर जन्म लेने और मानवीय कष्ट भोगने की बात कही गई थी। कृष्ण अवतार में भगवान का जन्म कारागार में हुआ, जन्म लेते ही उन्हें माता-पिता से अलग होना पड़ा और जीवन भर कंस, जरासंध, शिशुपाल, कुरुक्षेत्र और यादवों के विनाश जैसी घटनाओं से गुजरना पड़ा। कृष्ण पूर्ण पुरुषोत्तम होते हुए भी मानव जगत के दुःख और संघर्षों में उतरे। इसीलिए भृगु श्राप को कृष्ण अवतार की मानवीय लीला से भी जोड़ा जाता है।
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