विस्तृत उत्तर
ब्रह्मा जी ने दुर्वासा को इसलिए नहीं बचाया क्योंकि सुदर्शन चक्र भगवान विष्णु का अमोघ अस्त्र था। ब्रह्मा जी ने दुर्वासा से कहा कि वे स्वयं भी परमेश्वर के नियमों से बंधे हैं। जब भगवान का चक्र भक्त की रक्षा के लिए चल पड़ा हो, तो सृष्टि का कोई जीव उसे रोक नहीं सकता। ब्रह्मा सृष्टि के रचयिता हैं, पर भक्त-अपराध और भगवान के संकल्प के सामने वे भी स्वतंत्र नहीं हैं। उन्होंने दुर्वासा को आगे शिव की शरण जाने से नहीं रोका, पर स्पष्ट कर दिया कि समाधान कहीं और नहीं, अंततः भक्त की क्षमा में ही है।
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