विस्तृत उत्तर
परीक्षित ने भागवत कथा क्यों सुनी, इसका पूरा उत्तर अभी नहीं दिया गया। यहाँ शौनकजी सूतजी से प्रश्न रखते हैं। वे पूछते हैं कि पांडुनंदन राजर्षि परीक्षित का मौनी शुकदेवजी के साथ संवाद कैसे हुआ, जिसमें यह भागवत संहिता कही गई। वे यह भी कहते हैं कि उन्होंने सुना है कि अभिमन्यु-पुत्र परीक्षित भगवान के बड़े प्रेमी भक्त थे, इसलिए उनके अद्भुत जन्म और कर्मों का वर्णन भी सुनना चाहते हैं। आगे वे पूछते हैं कि पांडव वंश का गौरव बढ़ाने वाले सम्राट परीक्षित किस कारण राज्यलक्ष्मी छोड़कर गंगातट पर आमरण अनशन करने बैठे। इसलिए परीक्षित के भागवत-श्रवण का प्रसंग प्रश्न के रूप में स्थापित होता है; पूरा कारण आगे खुलता है।
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