📖
विस्तृत उत्तर
राहुकाल में तर्पण पूर्णतः वर्जित बताया गया है। श्राद्ध का मुख्य कर्म कुतुप या अपराह्न काल में ही करना चाहिए।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?
राहुकाल श्राद्ध और तर्पण के लिए वर्जित है।
राहुकाल में तर्पण पूर्णतः वर्जित बताया गया है। श्राद्ध का मुख्य कर्म कुतुप या अपराह्न काल में ही करना चाहिए।
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको लोक से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।