विस्तृत उत्तर
सुतल लोक से यह सीख मिलती है कि भगवान की अहैतुकी कृपा, भक्त की चरम शरणागति और धर्म की सर्वोच्चता सबसे महान है। सुतल लोक केवल भौतिक या अंधकारमय प्रभाग नहीं है, बल्कि भगवान विष्णु की कृपा और महाराजा बलि के पूर्ण आत्म-समर्पण का सजीव प्रमाण है। राजा बलि ने त्रिलोकी, ऐश्वर्य, वचन और अपना सिर तक भगवान वामन को अर्पित कर दिया। इसके बदले उन्हें सुतल लोक मिला और स्वयं भगवान नारायण उनके रक्षक बन गए। चौदह लोकों के विज्ञान में सुतल लोक वैराग्य, सत्यनिष्ठा, गुरु-भक्ति से ऊपर ईश्वर-भक्ति और भगवान की असीम कृपा का सर्वोच्च प्रतिमान है।
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