विस्तृत उत्तर
तलातल को बिल-स्वर्ग इसलिए कहा गया है क्योंकि यह अधोलोक होते हुए भी नरक जैसा यातना स्थान नहीं है। यह अत्यंत भव्य, ऐश्वर्यशाली और मायावी लोक है। यहाँ स्वर्ण, रजत, स्फटिक और बहुमूल्य रत्नों से जड़े विशाल महल हैं। सुरम्य वन, नदियाँ, स्वच्छ जल से भरे सरोवर, कमल-पुष्पों से आच्छादित ताल, सुगंधित वायु, मधुर संगीत और विलासितापूर्ण वातावरण मौजूद है। यहाँ के निवासियों को पसीना, बुढ़ापा, बालों की सफेदी, रोग और समय का भय नहीं सताता। इसलिए तलातल भोग-सुख से भरा बिल-स्वर्ग माना गया है।
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