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अमृत-कुण्ड से असुर कैसे जीवित होते थे?

संक्षिप्त उत्तर

अमृत-कुण्ड में गिरते ही मृत दानव जीवित होकर पहले से अधिक शक्तिशाली हो जाते थे।

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विस्तृत उत्तर

अमृत-कुण्ड मय दानव की मायावी विद्या से बनाया गया था। युद्ध के दौरान जो मृत दानव इस कुण्ड में गिरते थे, वे तुरंत जीवित हो जाते थे और पहले से अधिक शक्तिशाली बन जाते थे। इस कारण देवताओं के लिए युद्ध कठिन हो गया। इस घोर माया को नष्ट करने के लिए भगवान विष्णु ने गौ और ब्रह्मा जी ने बछड़े का रूप धारण किया तथा उस कुण्ड का सारा अमृत पी लिया।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

अमृत-कुण्ड से असुर कैसे जीवित होते थे को संदर्भ सहित समझें

अमृत-कुण्ड से असुर कैसे जीवित होते थे का सबसे सीधा सार यह है: अमृत-कुण्ड में गिरते ही मृत दानव जीवित होकर पहले से अधिक शक्तिशाली हो जाते थे।

लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

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