विस्तृत उत्तर
भस्मासुर एक शक्तिशाली और दुराचारी असुर था, जिसे श्रीमद्भागवत में वृकासुर कहा गया है। लोककथाओं और कुछ पुराण-परंपराओं में वही असुर भस्मासुर नाम से प्रसिद्ध हुआ, क्योंकि उसे ऐसा वरदान मिला था कि वह जिसके सिर पर हाथ रख दे, वह तुरंत भस्म हो जाए। उसने यह वरदान भगवान शिव की कठोर तपस्या करके प्राप्त किया था। वरदान पाते ही उसने उसी शक्ति को शिव जी पर आजमाना चाहा और शिव जी के पीछे दौड़ा। अंत में भगवान विष्णु ने अपनी योगमाया से उसे भ्रमित किया और उसने अपने ही सिर पर हाथ रखकर स्वयं को भस्म कर लिया।
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