विस्तृत उत्तर
भस्मासुर ने केदारनाथ क्षेत्र में तपस्या इसलिए की क्योंकि वह भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहता था। केदारनाथ शिव जी का अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली तीर्थ माना जाता है। वृकासुर ने सोचा कि यदि वह कठोर तपस्या करेगा तो शिव जी अवश्य प्रसन्न होंगे और उसे असाधारण शक्ति देंगे। लेकिन उसकी तपस्या सात्विक भक्ति नहीं थी; वह तामसी और हिंसक थी। उसने अपने शरीर का मांस काट-काटकर अग्नि में अर्पित किया। उसका लक्ष्य आत्मशुद्धि नहीं, बल्कि ऐसी शक्ति पाना था जिससे वह संसार को डराकर अपने अधीन कर सके।
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