विस्तृत उत्तर
गलत संगति से जीवन कैसे नष्ट होता है, यह धुंधुकारी की घटना में साफ दिखता है। वह पाँच वेश्याओं के साथ रहने लगा और उनके लिये भोग-सामग्री जुटाने में उसकी बुद्धि नष्ट हो गई। वह क्रूर कर्म करने लगा और गहनों की माँग पूरी करने के लिये चोरी करने लगा। जिनके लिये उसने धन लाया, वे ही धन की रक्षा और अपने बचाव के लिये उसकी हत्या की योजना बनाती हैं। वे उसे सोते समय रस्सियों से बाँधती हैं, गले में फाँसी लगाती हैं, फिर मुख में दहकते अंगारे डालकर मारती हैं। उसके शरीर को गड्ढे में छिपा दिया जाता है। इसके बाद वह प्रेत बनकर भूख-प्यास और भटकाव सहता है।
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