विस्तृत उत्तर
जालंधर ने भगवान विष्णु से अत्यंत दुस्साहसी वरदान माँगा। जब विष्णु उसके साथ युद्ध में आए, तब वृंदा के सतीत्व के कारण वे भी उसे परास्त नहीं कर सके। जालंधर ने इस स्थिति का लाभ उठाकर कहा कि भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और अपने संपूर्ण परिकर सहित उसके नगर में निवास करें। विष्णु ने धर्म की जटिल परिस्थिति और वृंदा के पतिव्रत से उत्पन्न रक्षा-कवच के कारण यह शर्त स्वीकार की। यह प्रसंग दिखाता है कि जालंधर का अहंकार कितनी ऊँचाई पर पहुँच चुका था और देवताओं की स्थिति कितनी कठिन हो गई थी।
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