विस्तृत उत्तर
मधु और कैटभ का वध भगवान विष्णु ने नीति, महामाया की सहायता और सुदर्शन चक्र से किया। पहले उन्होंने दोनों असुरों से पांच हजार वर्षों तक युद्ध किया, लेकिन इच्छा-मृत्यु वरदान के कारण वे नहीं मरे। फिर महामाया ने उन्हें मोहित किया और विष्णु ने उनकी वीरता की प्रशंसा कर उनसे वर मांगने की स्थिति बनाई। अहंकार में दोनों ने विष्णु को वर देने की बात कही, तब विष्णु ने उनकी मृत्यु अपने हाथों मांगी। असुरों ने जल-विहीन स्थान की शर्त रखी। विष्णु ने अपनी सूखी जांघों पर उनके सिर रखे और सुदर्शन चक्र से उनका वध किया।
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