विस्तृत उत्तर
मोक्ष चाहने वालों की उपासना का मार्ग स्पष्ट बताया गया है। प्राचीन युगों में महात्मा अपने कल्याण के लिये विशुद्ध सत्त्वमय भगवान विष्णु की आराधना करते थे, और अब भी जो लोग उनका अनुसरण करते हैं, वे उसी प्रकार कल्याण के अधिकारी होते हैं। जो लोग संसार-सागर से पार जाना चाहते हैं, वे किसी की निंदा नहीं करते और किसी में दोष नहीं देखते। फिर भी वे घोर रूप वाले, तमोगुणी-रजोगुणी भैरव आदि भूतपतियों की उपासना नहीं करते। वे सत्त्वगुणी विष्णु भगवान और उनके अंश-कला स्वरूपों का भजन करते हैं। इसलिए मोक्ष-इच्छु लोगों के लिये विष्णु-नारायण की शांत, सत्त्वमयी उपासना को कल्याणकारी कहा गया है।
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