विस्तृत उत्तर
मन का भटकना ध्यान की सबसे बड़ी बाधा है। शास्त्रों में इसके उपाय विस्तार से वर्णित हैं।
पतञ्जलि योगसूत्र (1.32): 'तत्प्रतिषेधार्थमेकतत्त्वाभ्यासः।' — विक्षेप रोकने के लिए एक तत्त्व का अभ्यास करें।
योगसूत्र (1.34-39) में पाँच उपाय
- 1प्राणायाम — श्वास-नियंत्रण से मन स्थिर
- 2विषयवती प्रवृत्ति — इंद्रियों के सूक्ष्म अनुभव पर ध्यान
- 3ज्योतिष्मती — आंतरिक प्रकाश पर ध्यान
- 4वीतरागविषय — राग-द्वेष से मुक्त महात्माओं का चिंतन
- 5स्वप्ननिद्राज्ञान — स्वप्न-सुषुप्ति के अनुभव का ध्यान
भगवद्गीता (6.26): 'यतो यतो निश्चलति मनश्चञ्चलमस्थिरम्। ततस्ततो नियम्यैतदात्मन्येव वशं नयेत्।' — जहाँ-जहाँ चंचल मन जाए, वहाँ-वहाँ से धीरे-धीरे वापस लाएँ।
व्यावहारिक उपाय
- ▸विचार आने पर लड़ें नहीं — बस देखें और छोड़ें
- ▸मंत्र का सहारा लें
- ▸श्वास पर ध्यान लाएँ





