जीवन एवं मृत्युप्रेतकल्प का श्रवण कैसे किया जाता है?
प्रेतकल्प का श्रवण — योग्य ब्राह्मण द्वारा पाठ, दक्षिणाभिमुख बैठकर, श्रद्धापूर्वक, दीप-धूप के साथ, प्रतिदिन निश्चित समय पर। पाठ के बाद दान-दक्षिणा और ब्राह्मण-भोजन का विधान है।
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