जीवन एवं मृत्युमृत्यु के समय किए गए दान का क्या विशेष महत्व है?
गरुड़ पुराण में मृत्युकाल के दान का फल हजार गुना है। 'दान रूपी पाथेय से यममार्ग सुखद होता है।' अष्टमहादान (तिल, स्वर्ण, नमक, सप्तधान्य, जलपात्र, लोहा, रुई, भूमि, पादुका) अन्तकाल में अवश्य देने चाहिए।
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