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विस्तृत उत्तर
माया के आवरण में फँसा जीव भगवान की परम सत्ता और कालरूप सुदर्शन चक्र के प्रभाव को भूलने की भूल करता है। मय दानव का उदाहरण इसी बात को दिखाता है। वह मायावियों का आचार्य और शिव का कृपापात्र था, लेकिन तलातल में शिव संरक्षण प्राप्त होने पर उसके भीतर यह मिथ्या अहंकार उत्पन्न हुआ कि उसे सुदर्शन चक्र से भी डरने की आवश्यकता नहीं है। यह दिखाता है कि माया और अहंकार जीव को परम सत्य से दूर कर देते हैं।
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