विस्तृत उत्तर
पूर्ण श्रद्धा, सात्विकता, वैदिक मन्त्रों की विशुद्धता एवं शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के साथ किया गया रुद्राभिषेक:
लौकिक लाभ:
— जल से: वर्षा और रोग नाश
— दूध से: पुत्र प्राप्ति और आयु वृद्धि
— दही से: संपत्ति और पशु-धन
— घी से: वंश विस्तार और शारीरिक तेज
— शहद से: धन प्राप्ति और रोग मुक्ति
— पंचामृत से: सर्व मनोकामना पूर्ण
आध्यात्मिक लाभ:
— मनुष्य के त्रिविध तापों (आध्यात्मिक, आधिभौतिक, आधिदैविक) का शमन
— जीवन में अपार सुख, संपत्ति, आरोग्य और शांति
— जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति
— शिव-सायुज्य (कैवल्य मोक्ष) की प्राप्ति
रुद्रं पशुपतिं स्थाणुं नीलग्रीवं उमापतिम्। नमामि शिरसा देवं किं नो मृत्युः करिष्यति॥





