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ग्रन्थ

महाभारत(109)

महाभारत पर शास्त्रीय व्याख्या, कथा, अर्थ, शिक्षाएँ और प्रश्नोत्तर — कुल 109 प्रश्न उपलब्ध हैं।

दिव्यास्त्र

वासवी शक्ति क्या है?

वासवी शक्ति महाभारत का एक अमोघ दिव्यास्त्र था जिसे केवल एक बार चलाया जा सकता था और जिसका निशाना कभी नहीं चूकता था। यह कर्ण के पास था और इंद्र ने इसे दिया था।

#वासवी शक्ति#अमोघास्त्र#कर्ण
अस्त्र शस्त्र

द्रोणाचार्य ने अर्जुन को ब्रह्मास्त्र क्यों दिया?

द्रोण ने अर्जुन को ब्रह्मास्त्र इसलिए दिया क्योंकि अर्जुन सर्वश्रेष्ठ शिष्य थे और द्रोण का वचन था कि अर्जुन से बड़ा धनुर्धर कोई नहीं होगा। यह अस्त्र उन्हें परशुराम से मिला था।

#ब्रह्मास्त्र#द्रोणाचार्य#अर्जुन
शिव स्तोत्र

शिव सहस्रनाम का पाठ कैसे और कब करना चाहिए?

महाभारत (अनुशासन पर्व)/लिंग पुराण में वर्णित। कब: प्रातःकाल/संध्या, शिवरात्रि/सावन सोमवार। विधि: स्नान → शिवलिंग समक्ष → दीपक → एकाग्रचित्त पाठ (45-60 मिनट)। 11/21/40 दिन संकल्प। लाभ: पापनाश, मोक्ष, दीर्घायु, शत्रु नाश।

#सहस्रनाम#1000 नाम#शिव
अस्त्र शस्त्र

ब्रह्मास्त्र को वापस कैसे लेते हैं?

ब्रह्मास्त्र वापस लेने के लिए संहार मंत्र का उच्चारण करना होता था। अर्जुन को यह आता था इसलिए उन्होंने वापस लिया। अश्वत्थामा को नहीं आता था — इसीलिए उसने उत्तरा के गर्भ पर छोड़ा।

#ब्रह्मास्त्र वापस#संहार ज्ञान#अश्वत्थामा
लोक

सुधर्मा सभा 'काम-गामिनी' क्यों कहलाती है?

सुधर्मा सभा को काम-गामिनी इसलिए कहते हैं क्योंकि यह स्थिर संरचना नहीं है — यह इच्छानुसार आकाश में तीव्र या मंद गति से विचरण कर सकती है।

#सुधर्मा#काम-गामिनी#आकाश
लोक

इन्द्र की सुधर्मा सभा में कौन से ऋषि आते हैं?

सुधर्मा सभा में महर्षि पराशर, दुर्वासा, याज्ञवल्क्य, व्यासदेव, हरिश्चन्द्र, विश्वकर्मा, तुम्बुरु, बृहस्पति, शुक्राचार्य और भृगु-सप्तर्षि आते हैं।

#सुधर्मा#ऋषि#नारद
दिव्यास्त्र

महाभारत युद्ध के बाद दिव्यास्त्रों का क्या हुआ?

महाभारत युद्ध के बाद द्वापर युग की समाप्ति और कलियुग के आगमन के साथ दिव्यास्त्रों का ज्ञान धीरे-धीरे पृथ्वी लोक से लुप्त हो गया।

#दिव्यास्त्र#महाभारत#कलियुग
दिव्यास्त्र

भगदत्त ने अर्जुन पर वैष्णवास्त्र क्यों चलाया?

भगदत्त ने कुरुक्षेत्र युद्ध में कौरव पक्ष की ओर से लड़ते हुए पांडव योद्धा अर्जुन पर वैष्णवास्त्र चलाया था।

#भगदत्त#अर्जुन#वैष्णवास्त्र
दिव्यास्त्र

इंद्रास्त्र का अंतिम ज्ञात प्रयोग किसने किया?

इंद्रास्त्र का अंतिम ज्ञात प्रयोग महाभारत के युद्ध में अर्जुन द्वारा किया गया था।

#इंद्रास्त्र#अंतिम प्रयोग#अर्जुन
दिव्यास्त्र

संशप्तकों के विरुद्ध इंद्रास्त्र का प्रयोग क्यों किया गया?

संशप्तकों ने अर्जुन को मारने की शपथ ली थी और वे बड़ी संख्या में आत्मघाती हमले करते थे। उनकी विशाल संख्या को नियंत्रित करने के लिए अर्जुन ने बार-बार इंद्रास्त्र का प्रयोग किया।

#संशप्तक#इंद्रास्त्र#अर्जुन
दिव्यास्त्र

महाभारत में इंद्रास्त्र का सबसे ज्यादा प्रयोग किसने किया?

महाभारत में इंद्रास्त्र का सबसे ज्यादा प्रयोग अर्जुन ने किया। यह उनके शस्त्रागार का मुख्य हथियार था जिसे वे बड़ी सेनाओं को नष्ट करने के लिए बार-बार प्रयोग करते थे।

#महाभारत#इंद्रास्त्र#अर्जुन
अस्त्र शस्त्र

द्रोणाचार्य के पास कौन-कौन से अस्त्र थे?

द्रोणाचार्य के पास परशुराम से प्राप्त संपूर्ण अस्त्र-शस्त्र ज्ञान था — ब्रह्मास्त्र, ब्रह्मशिरास्त्र, नारायणास्त्र, प्रस्वापनास्त्र, आंगिरस धनुष सहित सभी प्रमुख दिव्यास्त्र।

#द्रोणाचार्य#अस्त्र#परशुराम
अस्त्र शस्त्र

हिंदू धर्म में युद्ध के क्या नियम थे?

युद्ध नियम — रथी vs रथी, पैदल vs पैदल, निरस्त्र पर वार नहीं, सोए-असावधान पर नहीं, एक पर अनेक नहीं, स्त्री-बालक-पलायनकर्ता पर नहीं। सूर्यास्त पर युद्ध बंद।

#युद्ध नियम#धर्मयुद्ध#क्षत्रिय मर्यादा
महाभारत

संजय को दिव्य दृष्टि किसने दी?

संजय को दिव्य दृष्टि महर्षि वेदव्यास ने दी थी ताकि वे कुरुक्षेत्र का युद्ध हस्तिनापुर में बैठे धृतराष्ट्र को सुना सकें। धृतराष्ट्र ने स्वयं दिव्य दृष्टि लेने से यह कहकर मना किया था कि वे अपने स्वजनों को लड़ते नहीं देख सकते।

#संजय#दिव्य दृष्टि#वेदव्यास
दिव्यास्त्र

अर्जुन ने भौमास्त्र का प्रयोग कहाँ किया?

अर्जुन ने भौमास्त्र का प्रयोग किसी युद्ध में नहीं बल्कि अपने दिव्यास्त्रों के प्रदर्शन के दौरान किया था।

#अर्जुन#भौमास्त्र#प्रदर्शन
दिव्यास्त्र

महाभारत काल में भौमास्त्र का ज्ञाता कौन था?

महाभारत काल में महान धनुर्धर अर्जुन भौमास्त्र के ज्ञाता थे। यह अस्त्र उनके दिव्यास्त्र संग्रह का हिस्सा था।

#भौमास्त्र#महाभारत#अर्जुन
महाभारत

भीष्म पितामह की मृत्यु क्यों नहीं हुई बाणों पर?

भीष्म पितामह को उनके पिता शांतनु से इच्छामृत्यु का वरदान था इसलिए बाणों की शैया पर 58 दिन पड़े रहने पर भी वे जीवित रहे। वे उत्तरायण की प्रतीक्षा में थे क्योंकि शास्त्रों में उत्तरायण में मृत्यु को मोक्षदायी माना जाता है। मकर संक्रांति पर उन्होंने स्वेच्छा से प्राण त्यागे।

#भीष्म पितामह#इच्छामृत्यु#बाणों की शैया
महाभारत

धृतराष्ट्र का विवाह गांधारी से क्यों हुआ?

भीष्म पितामह ने कुरु वंश के लिए धृतराष्ट्र का विवाह गांधार राजकुमारी गांधारी से कराया। गांधारी को पहले नहीं बताया गया था कि धृतराष्ट्र अंधे हैं। जब पता चला तो उन्होंने पतिव्रत-धर्म में आँखों पर पट्टी बाँध ली।

#धृतराष्ट्र#गांधारी#भीष्म पितामह
अस्त्र शस्त्र

ब्रह्मशिरास्त्र ब्रह्मास्त्र से कितना ज्यादा शक्तिशाली है?

ब्रह्मशिरास्त्र ब्रह्मास्त्र से चार गुना अधिक शक्तिशाली है। ब्रह्मास्त्र = ब्रह्मा का 1 मुख, ब्रह्मशिरास्त्र = ब्रह्मा के 4 मुखों की सम्मिलित शक्ति। यदि दो टकराएं तो ब्रह्मांड नाश होने का खतरा।

#ब्रह्मशिरास्त्र#ब्रह्मास्त्र#चार गुना
अस्त्र शस्त्र

नारायणास्त्र का प्रतिकार क्या है?

नारायणास्त्र का कोई प्रतिकार नहीं है। एकमात्र उपाय है — सभी शस्त्र छोड़कर, मन से भी युद्ध का विचार त्यागकर, हाथ जोड़कर आत्मसमर्पण करना। ऐसा करने पर यह अस्त्र शांत हो जाता है।

#नारायणास्त्र#प्रतिकार#आत्मसमर्पण
अस्त्र शस्त्र

अर्जुन ने भीष्म पर कौन सा अस्त्र चलाया था?

अर्जुन ने शिखंडी की आड़ से गांडीव के बाणों की निरंतर वर्षा से भीष्म को शरशय्या पर गिराया। कोई एकल दिव्यास्त्र नहीं — बाणों की अविराम धारा से शरीर छलनी हुआ।

#अर्जुन#भीष्म#बाण
विष्णु उपासना

विष्णु जी के शंख का नाम क्या है?

विष्णु जी के शंख का नाम 'पाञ्चजन्य' है। भागवत पुराण के अनुसार श्रीकृष्ण ने 'शंखासुर' दैत्य का वध करके यह शंख प्राप्त किया था। महाभारत के कुरुक्षेत्र युद्ध में इसी पाञ्चजन्य को बजाकर युद्धारंभ की घोषणा की गई थी।

#पांचजन्य शंख#विष्णु शंख#कृष्ण शंख
अस्त्र शस्त्र

अर्जुन के धनुष का नाम क्या है?

अर्जुन के धनुष का नाम 'गांडीव' था। इसे विश्वकर्मा ने बनाया था। यह एक लाख धनुषों के बराबर, 108 प्रत्यंचाओं वाला अत्यंत दिव्य धनुष था।

#गांडीव#अर्जुन#महाभारत
पौराणिक शिक्षाएँ

महाभारत में एकलव्य की कथा से क्या संदेश मिलता है?

एकलव्य से शिक्षाएँ: भाव-शक्ति से गुरु को हृदय में स्थापित करें; सच्ची लगन किसी अवरोध से बड़ी है; गुरु के प्रति त्याग की पराकाष्ठा ही महानता है। साधना से उत्पन्न विद्या अमर होती है।

#एकलव्य#महाभारत#गुरुभक्ति
दिव्यास्त्र

महाभारत में अर्जुन ने नागास्त्र का प्रयोग कब किया?

महाभारत में जब हजारों संसप्तक योद्धाओं ने अर्जुन को घेरकर आक्रमण किया तब अर्जुन ने उन्हें रोकने के लिए नागास्त्र का प्रयोग किया।

#महाभारत#अर्जुन#नागास्त्र
महाभारत

यक्ष-युधिष्ठिर संवाद क्या है?

यक्ष-युधिष्ठिर संवाद वनपर्व का एक दार्शनिक प्रसंग है जिसमें यक्ष ने युधिष्ठिर से जीवन, धर्म और आश्चर्य पर प्रश्न पूछे। युधिष्ठिर ने सभी उत्तर दिए और चारों मूर्छित भाइयों को जीवित कराया। वह यक्ष वास्तव में यमराज थे।

#यक्ष प्रश्न#युधिष्ठिर#धर्मराज
दिव्यास्त्र

संवर्त अस्त्र क्या है?

संवर्त अस्त्र यमराज का दिव्यास्त्र है जो प्रलय जैसा विनाश करता है। इसका महाकाव्यों में केवल एक बार प्रयोग हुआ जब भरत ने तीन करोड़ गंधर्वों का संहार किया था।

#संवर्त अस्त्र#दिव्यास्त्र#यमराज
दिव्यास्त्र

ब्रह्मास्त्र किन किन लोगों के पास था

रामायण में श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण; महाभारत में द्रोण, अश्वत्थामा, अर्जुन, कर्ण, कृष्ण, युधिष्ठिर के पास ब्रह्मास्त्र था। यह केवल गुरु-शिष्य परंपरा में योग्य लोगों को दिया जाता था।

#ब्रह्मास्त्र धारक#महाभारत#रामायण
दिव्यास्त्र

नारायणास्त्र क्या है

नारायणास्त्र भगवान विष्णु का अजेय दिव्यास्त्र है जो एक साथ हजारों अस्त्र चलाता है। इसे रोकने का एकमात्र उपाय पूर्ण समर्पण है। महाभारत में अश्वत्थामा ने इसे पांडवों पर चलाया था।

#नारायणास्त्र#विष्णु अस्त्र#महाभारत
पौराणिक शिक्षाएँ

महाभारत में कर्ण की कथा से क्या शिक्षा मिलती है?

कर्ण से शिक्षाएँ: निःस्वार्थ दान सच्ची पहचान है; मित्रता और कर्तव्य में सच्चे रहें; विपरीत परिस्थितियों में भी आदर्श न छोड़ें; छल से प्राप्त विद्या संकट में काम नहीं आती। कर्म और चरित्र ही असली गरिमा है।

#कर्ण#महाभारत#दानवीर
दिव्यास्त्र

दिव्यास्त्र क्या होते हैं?

दिव्यास्त्र वे शक्तिशाली हथियार थे जिन्हें मंत्रों की शक्ति से जागृत किया जाता था। ये देवताओं की शक्ति के मूर्त रूप थे और ब्रह्मांड की रक्षा के लिए बनाए गए थे।

#दिव्यास्त्र#पौराणिक शस्त्र#मंत्र शक्ति
दिव्यास्त्र

महाभारत में गरुडास्त्र का उल्लेख कहाँ मिलता है?

महाभारत में अर्जुन के शस्त्रागार में गरुडास्त्र था। त्रिगर्त राजा सुशर्मा के विरुद्ध युद्ध में नागास्त्र और सौपर्णास्त्र दोनों का उल्लेख मिलता है।

#महाभारत#गरुडास्त्र#अर्जुन
इतिहास-पुराण

महाभारत किसने लिखा?

महाभारत के रचयिता: महर्षि वेदव्यास (कृष्णद्वैपायन)। गणेश ने लेखनी से लिखा — परंपरागत आख्यान। एक लाख श्लोक, 18 पर्व। भगवद्गीता इसी का अंश। 'पंचम वेद' कहलाता है। व्यास ने 18 पुराण और ब्रह्मसूत्र भी रचे।

#महाभारत#वेदव्यास#गणेश
विष्णु अस्त्र शस्त्र

सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध क्यों किया?

राजसूय यज्ञ में शिशुपाल ने भरी सभा में कृष्ण का 101वीं बार अपमान किया। कृष्ण ने बुआ को दिया 100 अपराध क्षमा का वचन पूरा करने के बाद सुदर्शन चक्र से उसका वध किया।

#शिशुपाल वध#सुदर्शन चक्र#100 अपराध
महाभारत

महाभारत में कितने पर्व हैं?

महाभारत में कुल 18 पर्व हैं। आदि, सभा, वन, विराट, उद्योग, भीष्म, द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक, स्त्री, शांति, अनुशासन, अश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक और स्वर्गारोहण पर्व। 18 की संख्या महाभारत के हर पक्ष में दिखती है।

#महाभारत#18 पर्व#वेदव्यास
अस्त्र शस्त्र

विजय धनुष कर्ण को किसने दिया था?

विजय धनुष परशुराम ने कर्ण को दिया था — शाप के बाद दया में। आशीर्वाद था कि जब तक यह हाथ में रहे, कोई नहीं जीत सकता। इसीलिए कर्ण के हाथ से विजय छूटने पर ही उसका वध संभव हुआ।

#विजय धनुष#परशुराम#कर्ण
महाभारत

कुरुक्षेत्र युद्ध कितने दिन चला?

कुरुक्षेत्र युद्ध 18 दिन चला। पहले 10 दिन भीष्म, फिर 5 दिन द्रोण, 2 दिन कर्ण और अंतिम दिन शल्य सेनापति रहे। 18वें दिन दुर्योधन की मृत्यु के साथ युद्ध समाप्त हुआ और पांडवों की विजय हुई।

#कुरुक्षेत्र#महाभारत युद्ध#18 दिन
महाभारत

महाभारत में एकलव्य ने किससे शिक्षा ली?

एकलव्य ने प्रत्यक्ष गुरु से नहीं, बल्कि वन में द्रोणाचार्य की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर उन्हें मन ही मन गुरु मानकर स्वयं धनुर्विद्या सीखी। द्रोण ने बाद में गुरुदक्षिणा में उसका दायाँ अंगूठा माँगा जो एकलव्य ने बिना हिचक दे दिया।

#एकलव्य#गुरु द्रोण#गुरुदक्षिणा
अस्त्र शस्त्र

कर्ण के धनुष का नाम क्या था?

कर्ण के धनुष का नाम 'विजय' था जिसे परशुराम ने उसे दिया था। यह अखंड था, पाशुपतास्त्र से भी इसका घेरा नहीं टूटता था। यह धनुष न होने पर ही कर्ण का वध हो सका।

#विजय धनुष#कर्ण#परशुराम
विष्णु अस्त्र शस्त्र

पांचजन्य शंख क्या है?

पांचजन्य विष्णु और कृष्ण का दिव्य शंख है। कृष्ण ने गुरु पुत्र को बचाने समुद्र में शंखासुर राक्षस का वध किया और उसके शरीर से बने शंख को पांचजन्य नाम दिया। महाभारत में इससे युद्ध घोषित किया।

#पांचजन्य शंख#शंखासुर#कृष्ण
अस्त्र शस्त्र

कर्ण के पास कौन-कौन से दिव्य अस्त्र थे?

कर्ण के पास विजय धनुष (परशुराम से), इंद्रास्त्र/अमोघास्त्र (इंद्र से — घटोत्कच पर चला), ब्रह्मास्त्र (भूल गया), नागास्त्र, भार्गवास्त्र, और जन्मजात अभेद्य कवच-कुंडल थे।

#कर्ण#विजय धनुष#इंद्रास्त्र
अस्त्र शस्त्र

कुरुक्षेत्र युद्ध में कौन-कौन से दिव्यास्त्र चले थे?

कुरुक्षेत्र में ब्रह्मास्त्र, नारायणास्त्र, पाशुपतास्त्र, वासवी शक्ति, अंजलिकास्त्र, इंद्रास्त्र, वायव्यास्त्र, आग्नेयास्त्र, वरुणास्त्र, वैष्णवास्त्र सहित अनेक दिव्यास्त्र चले थे।

#कुरुक्षेत्र दिव्यास्त्र#ब्रह्मास्त्र#नारायणास्त्र
अस्त्र शस्त्र

भीष्म की मृत्यु किस अस्त्र से हुई थी?

भीष्म की मृत्यु किसी दिव्यास्त्र से नहीं — अर्जुन के बाणों से हुई। शिखंडी को सामने कर अर्जुन ने बाण चलाए। इच्छामृत्यु के कारण 58 दिन शरशय्या पर रहने के बाद उत्तरायण में प्राण त्यागे।

#भीष्म मृत्यु#शिखंडी#अर्जुन बाण
अस्त्र शस्त्र

भीष्म पितामह के पास कौन से दिव्य अस्त्र थे?

भीष्म के पास ब्रह्मास्त्र, प्रस्वापनास्त्र, समस्त देवास्त्र और 5 अभिमंत्रित स्वर्ण तीर थे। परशुराम से पूरी युद्धकला प्राप्त की थी — प्रस्वापनास्त्र एकमात्र ऐसा था जिसका उत्तर परशुराम के पास नहीं था।

#भीष्म#दिव्य अस्त्र#ब्रह्मास्त्र
महाभारत

महाभारत युद्ध के बाद क्या हुआ पांडवों का?

युद्ध के बाद युधिष्ठिर ने कुछ वर्ष राज किया, फिर परीक्षित को राज्य सौंपकर पाँचों पांडव और द्रौपदी महाप्रस्थान पर निकले। यात्रा में एक-एक करके सभी गिरते गए। केवल युधिष्ठिर स्वर्गद्वार तक पहुँचे और सशरीर स्वर्ग में प्रवेश किया।

#पांडव#महाप्रस्थान#स्वर्गारोहण
महाभारत

कर्ण की असली माँ कौन थी?

कर्ण की असली माँ कुंती थीं। कुंती ने दुर्वासा ऋषि से प्राप्त मंत्र की परीक्षा करते हुए सूर्यदेव का आह्वान किया जिससे कर्ण जन्मे। किशोरावस्था में अविवाहित होने के कारण लोक-लाज से उन्होंने कर्ण को नदी में बहा दिया। सारथी अधिरथ की पत्नी राधा ने उनका पालन-पोषण किया।

#कर्ण#कुंती#सूर्यपुत्र
आदर्श स्त्री

द्रौपदी से स्त्रियाँ क्या सीखें?

न्याय माँग(चीरहरण प्रश्न), क्षमा≠कमजोरी(13 वर्ष+केश प्रतिज्ञा), बुद्धिमत्ता(5 पति गृहस्थ), भक्ति('हे गोविन्द!'=कृष्ण रक्षा), आत्मनिर्भरता(स्वयंवर)। अन्याय पर चुप न रहो।

#द्रौपदी#आदर्श#न्याय
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह का अंतिम संस्कार किसने किया?

भीष्म पितामह का अंतिम संस्कार युधिष्ठिर ने कराया और कुछ समय तक वे शोक में डूबे रहे।

#भीष्म अंतिम संस्कार#युधिष्ठिर#पांडव
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने रथ का पहिया क्यों उठाया?

कृष्ण ने रथ का पहिया भीष्म की प्रतिज्ञा को सत्य करने और अपनी भक्तवत्सलता प्रकट करने के लिए उठाया।

#कृष्ण रथ का पहिया#भीष्म#अर्जुन
श्रीमद्भागवत

भीष्म स्तुति क्या है?

भीष्म स्तुति मृत्यु के समय श्रीकृष्ण को समर्पित प्रार्थना है, जिसमें भीष्म ने कृष्ण के सौंदर्य, युद्ध रूप और परमात्मा स्वरूप का ध्यान किया।

#भीष्म स्तुति#कृष्ण#महाभारत
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