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ग्रन्थ

महाभारत(109)

महाभारत पर शास्त्रीय व्याख्या, कथा, अर्थ, शिक्षाएँ और प्रश्नोत्तर — कुल 109 प्रश्न उपलब्ध हैं।

श्रीमद्भागवत

युधिष्ठिर को महाभारत युद्ध का पाप क्यों लगा?

युधिष्ठिर को लगा कि उन्होंने नश्वर शरीर के लिए अनेक स्वजनों, गुरुओं और सेनाओं का वध कराया; इसलिए शास्त्र-वचन भी उन्हें संतोष नहीं दे पाया।

#युधिष्ठिर#युद्ध पाप#धर्मयुद्ध
श्रीमद्भागवत

पांडवों ने गंगा में तर्पण क्यों किया?

पांडवों ने युद्ध में मरे हुए अपने स्वजनों को जलांजलि देने और उनका स्मरण करने के लिए गंगा में तर्पण किया।

#गंगा तर्पण#पांडव#महाभारत
श्रीमद्भागवत

पांडवों ने युद्ध के बाद अंतिम संस्कार कैसे किया?

अश्वत्थामा को दंड देने के बाद पांडवों ने कृष्णा द्रौपदी के साथ मृत भाई-बंधुओं की दाह आदि अंतिम क्रियाएँ कीं।

#पांडव#अंतिम संस्कार#द्रौपदी पुत्र
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पुत्रों की हत्या कैसे हुई?

द्रौपदी के पुत्र सो रहे थे; अश्वत्थामा ने उनके सिर काटकर दुर्योधन को भेंट किए।

#द्रौपदी पुत्र#हत्या#अश्वत्थामा
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पांच पुत्रों को किसने मारा?

द्रौपदी के पांच पुत्रों को द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने सोते समय मार डाला।

#द्रौपदी पुत्र#अश्वत्थामा#उपपांडव
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के पुत्रों को क्यों मारा?

अश्वत्थामा ने दुर्योधन का प्रिय कार्य समझकर द्रौपदी के सोते हुए पुत्रों को मारा, पर यह कर्म दुर्योधन को भी अप्रिय लगा।

#अश्वत्थामा#द्रौपदी पुत्र#दुर्योधन
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा की कथा क्या है?

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के सोए हुए पुत्रों की हत्या की, ब्रह्मास्त्र चलाया, अर्जुन ने उसे पकड़ा और अंत में उसकी मणि निकालकर उसे शिविर से बाहर किया गया।

#अश्वत्थामा#द्रौपदी पुत्र#ब्रह्मास्त्र
श्रीमद्भागवत

महाभारत क्यों लिखा गया?

महाभारत इसलिए लिखा गया कि जो लोग वेद-श्रवण के अधिकारी नहीं थे, वे भी धर्म-कर्म और कल्याणकारी मार्ग समझ सकें।

#महाभारत#वेदव्यास#स्त्री शूद्र
लोक

महाभारत में हंस गीता

महाभारत शांति पर्व में हंस गीता मोक्षधर्म और साधु-गुणों का उपदेश है।

#महाभारत#शांति पर्व#हंस गीता
लोक

महाभारत में एकादशी श्राद्ध फल क्या है?

संपत्ति और तेजस्वी पुत्र।

#महाभारत#अनुशासन पर्व#श्राद्ध फल
लोक

एकादशी श्राद्ध से तेजस्वी पुत्र मिलता है क्या?

हाँ, तेजस्वी पुत्रों का फल बताया गया है।

#तेजस्वी पुत्र#महाभारत#एकादशी
लोक

महाभारत के अनुसार पितर वंशजों के कर्मों को कैसे देखते हैं?

महाभारत पितरों को सजीव चेतना मानता है जो वंशजों के धर्म-अधर्म पर दृष्टि रखते हैं।

#महाभारत#पितर#वंशज कर्म
लोक

अष्ट वसु कौन हैं?

अष्ट वसु हैं: आप, ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्यूष और प्रभास।

#अष्ट वसु#वसु#पितृकर्म
लोक

यक्ष ने पांडवों की परीक्षा क्यों ली?

यक्ष ने पांडवों की धर्म-बुद्धि की परीक्षा ली; युधिष्ठिर के सही उत्तरों से संतुष्ट होकर उसने भाइयों को जीवित किया।

#यक्ष परीक्षा#पांडव#युधिष्ठिर
लोक

यक्ष-युधिष्ठिर संवाद क्या है?

यक्ष-युधिष्ठिर संवाद में सरोवर के यक्ष ने युधिष्ठिर से धर्म-जीवन के गूढ़ प्रश्न पूछे और उत्तरों से संतुष्ट होकर पांडवों को जीवित किया।

#यक्ष युधिष्ठिर संवाद#महाभारत#अरण्य पर्व
लोक

तक्षक ने राजा परीक्षित को क्यों डसा?

राजा परीक्षित को सात दिन में तक्षक द्वारा डंसे जाने का शाप मिला था, इसलिए तक्षक ने ब्राह्मण वेश में उन्हें डसा।

#तक्षक#राजा परीक्षित#शाप
लोक

रसातल में रहने का सुख कैसे बताया गया है?

रसातल में रहने का सुख नागलोक, स्वर्ग, विमानों और त्रिविष्टप से भी श्रेष्ठ बताया गया है।

#रसातल सुख#रसातल निवासी#स्वर्ग से श्रेष्ठ
लोक

सुरभि माता रसातल में क्यों रहती हैं?

सुरभि माता रसातल में दिव्य दूध का स्राव करती हैं, जिससे क्षीर सागर की उत्पत्ति हुई।

#सुरभि माता#रसातल#दिव्य दूध
भक्ति, मंत्र और उपासना

विष्णु सहस्रनाम का क्या महत्व है?

विष्णु सहस्रनाम: भीष्म ने बाणों की शय्या पर युधिष्ठिर को विष्णु के 1000 नाम बताए। वेदव्यास रचित। कलयुग में नित्य पाठ/श्रवण से: वाणी शुद्ध, मन-श्वास स्थिर, नकारात्मकता नाश, सांसारिक कल्याण और मोक्ष प्राप्ति।

#विष्णु सहस्रनाम#भीष्म#महाभारत
पाशुपत अस्त्र साधना

महाभारत के किस अध्याय में पाशुपतास्त्र का वर्णन है?

महाभारत के वन पर्व के अध्याय 91 में इसका विस्तृत वर्णन है।

#महाभारत#अध्याय#वन पर्व
पाशुपत अस्त्र साधना

महाभारत के अनुसार अर्जुन ने पाशुपतास्त्र कैसे प्राप्त किया था?

अर्जुन ने भगवान शिव की तपस्या कर मंत्र, उपसंहार और प्रायश्चित सहित पाशुपतास्त्र प्राप्त किया था।

#अर्जुन#महाभारत#शिव
पाशुपत अस्त्र साधना

पाशुपतास्त्र साधना का मुख्य शास्त्रीय आधार क्या है?

यह साधना महाभारत, अग्नि पुराण, शिव पुराण और रुद्रयामल तंत्र जैसे प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है।

#शिव पुराण#महाभारत#अग्नि पुराण
पौराणिक कथा

महाभारत में पांडवों ने अनंत चतुर्दशी का व्रत क्यों किया था?

वनवास की कठिनाइयां दूर करने और अपना खोया हुआ राज्य वापस पाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर पांडवों ने 14 साल तक यह व्रत किया था।

#पांडव#श्रीकृष्ण#महाभारत
पौराणिक रहस्य

इस योग का नाम राजा 'नल' के नाम पर क्यों रखा गया है?

राजा नल का रूप बिगड़ गया था (बाहुक बन गए थे) लेकिन वे बहुत चतुर और धन वापस पाने में माहिर थे। नल योग भी इंसान को शारीरिक कमी के बावजूद बहुत चतुर और अमीर बनाता है।

#राजा नल#महाभारत#कमलनाल
इतिहास एवं पुराण

राजा बभ्रुवाहन किस युग में किस नगर में रहते थे?

बभ्रुवाहन अर्जुन के पुत्र थे जो द्वापर युग में मणिपुर नगर के राजा थे। इनका संबंध महाभारत (अश्वमेध पर्व) से है — गरुड़ पुराण में इनका कोई उल्लेख नहीं मिलता।

#बभ्रुवाहन#मणिपुर#अर्जुन
शास्त्र ज्ञान

अहिंसा परमो धर्मः का पूरा श्लोक क्या है?

महाभारत, अनुशासन पर्व 115.23 — 'अहिंसा परमो धर्मस्तथाहिंसा परं तपः। अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते॥' अर्थ: अहिंसा परम धर्म, परम तप और परम सत्य है। 'धर्म हिंसा तथैव च' वाला अर्धश्लोक प्रामाणिक महाभारत में उपलब्ध नहीं है।

#अहिंसा#महाभारत#धर्म
महाभारत

अभिमन्यु चक्रव्यूह में कैसे फँसा?

तेरहवें दिन अर्जुन के दूर जाने पर द्रोणाचार्य ने चक्रव्यूह बनाया। अभिमन्यु व्यूह में घुसना जानते थे पर निकलना नहीं। अकेले छः परतें तोड़ने के बाद जयद्रथ ने शेष पांडवों को रोक दिया और कौरव महारथियों ने घेरकर अधर्मपूर्वक अभिमन्यु का वध किया।

#अभिमन्यु#चक्रव्यूह#जयद्रथ
महाभारत

युद्ध से पहले दोनों पक्षों में कितने योद्धा थे?

महाभारत में कौरव पक्ष के पास 11 अक्षौहिणी और पांडव पक्ष के पास 7 अक्षौहिणी सेना थी। कुल 18 अक्षौहिणी — जो लाखों योद्धाओं के बराबर थी। 18 दिन के युद्ध के बाद दोनों पक्षों से मिलाकर केवल 18 के आसपास योद्धा जीवित बचे।

#कुरुक्षेत्र#सेना#कौरव
महाभारत

उत्तरा के गर्भ को कृष्ण ने कैसे बचाया?

अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने सूक्ष्म रूप धारण करके गर्भ में प्रवेश किया और अपनी दिव्य शक्ति से ब्रह्मास्त्र के प्रहार को निष्फल किया। परीक्षित मृत जन्मे, पर कृष्ण ने उन्हें पुनर्जीवित किया।

#उत्तरा#परीक्षित#कृष्ण
महाभारत

पांडवों का अज्ञातवास कहाँ बीता?

पांडवों ने अपना एक वर्ष का अज्ञातवास राजस्थान स्थित मत्स्य देश की राजधानी विराट नगर (आधुनिक बैराठ) में राजा विराट के यहाँ भिन्न-भिन्न छद्मवेश धारण करके बिताया।

#पांडव#अज्ञातवास#विराट नगर
महाभारत

विदुर कौन थे महाभारत में?

विदुर हस्तिनापुर के महामंत्री, धृतराष्ट्र और पांडु के भाई तथा यमराज के अवतार माने जाते हैं। दासी-पुत्र होने के बावजूद वे अपने नैतिक बल, ज्ञान और सत्यनिष्ठा से महाभारत के सबसे आदरणीय पात्र बने। उन्होंने सदैव धर्म और पांडवों का साथ दिया।

#विदुर#धर्मराज#हस्तिनापुर
महाभारत

कृष्ण ने अर्जुन को गीता क्यों सुनाई?

कुरुक्षेत्र में युद्ध से पहले अर्जुन अपने स्वजनों को देखकर मोह और शोक में डूब गए और युद्ध करने से इनकार कर बैठे। उनके इस अज्ञानजनित मोह को दूर करने और धर्म के सही स्वरूप को समझाने के लिए श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया।

#गीता#कृष्ण#अर्जुन
महाभारत

द्युत सभा में द्रौपदी को दाँव क्यों लगाया गया?

शकुनि की चाल में फँसे युधिष्ठिर ने सब कुछ हारने के बाद द्रौपदी को दाँव पर इसलिए लगाया क्योंकि शकुनि ने लालच दिया कि यदि वे जीते तो अपने सभी भाई और स्वयं को वापस पा लेंगे। यह उनकी महान भूल थी जो महाभारत के युद्ध का कारण बनी।

#द्रौपदी#द्युत#युधिष्ठिर
महाभारत

द्रौपदी का स्वयंवर क्यों रखा गया?

द्रौपदी का स्वयंवर राजा द्रुपद ने इसलिए रखा क्योंकि वे चाहते थे कि अर्जुन उनकी पुत्री से विवाह करे, जिससे द्रोणाचार्य को पराजित करने की शक्ति उन्हें मिल सके। स्वयंवर की शर्त जानबूझकर ऐसी रखी गई जो केवल अर्जुन जैसा धनुर्धर ही पूरा कर सके।

#द्रौपदी#स्वयंवर#द्रुपद
देवी-देवता एवं उपासना

विष्णु के 1000 नामों में सबसे शक्तिशाली कौन से

विष्णु के 1000 नामों में सर्वाधिक शक्तिशाली हैं — विष्णु, नारायण, जनार्दन, गोविंद, माधव, पुरुषोत्तम, अच्युत, वासुदेव, हृषीकेश और अनंत। ये नाम महाभारत के अनुशासन पर्व में संकलित हैं।

#विष्णु सहस्रनाम#विष्णु के नाम#नारायण
आधुनिक धर्म प्रश्न

बच्चों रामायण महाभारत कहानी कैसे सुनाएं

राम=hero, हनुमान=superhero। हर रात 1 episode। Amar Chitra Katha/YouTube। Moral subtle; preaching नहीं।

#बच्चे#रामायण#महाभारत
शास्त्र व्याख्या

महाभारत में धर्म का सबसे बड़ा पाठ

'धर्मस्य सूक्ष्मा गतिः' — धर्म जटिल; सही-गलत सदैव स्पष्ट नहीं। गीता 2.47 (निष्काम कर्म), 'यतो धर्मस्ततो जयः' (धर्म विजय), 18.66 (शरणागति)। अन्याय सहना भी अधर्म।

#महाभारत#धर्म#पाठ
हिंदू दर्शन

महाभारत में कितने पर्व हैं प्रत्येक का सार

महाभारत — 18 पर्व, ~1 लाख श्लोक। मुख्य: आदि (कुरुवंश), सभा (द्यूत-चीरहरण), वन (वनवास), भीष्म (**गीता**), द्रोण (अभिमन्यु), कर्ण (कर्ण वध), शांति (भीष्म उपदेश — सबसे बड़ा), मौसल (यादव संहार), स्वर्गारोहण (अंतिम यात्रा)।

#महाभारत#18 पर्व#व्यास
हिंदू दर्शन

अश्वत्थामा अमर हैं क्या और आज कहाँ

अश्वत्थामा चिरंजीवी हैं — परंतु शाप से, वरदान से नहीं। सोते पांचालों की हत्या और गर्भस्थ परीक्षित पर ब्रह्मास्त्र के दंडस्वरूप कृष्ण ने मणि छीनी और शाप दिया — रोग, दुर्गंध, एकाकीपन में अनंत काल तक भटकना। 'आज कहाँ' — लोक मान्यता; शास्त्रीय रूप से अनिश्चित।

#अश्वत्थामा#चिरंजीवी#शाप
महाभारत परिचय

महाभारत की कहानी क्या है?

महाभारत वेदव्यास रचित 1,00,000 श्लोक, 18 पर्वों का विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य है। पांडव और कौरव के बीच हस्तिनापुर के सिंहासन के लिए संघर्ष — द्यूत, वनवास, 18 दिन का कुरुक्षेत्र युद्ध। श्री कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का ज्ञान इसी युद्ध में दिया।

#महाभारत#कुरुक्षेत्र#पांडव
गीता परिचय

भगवद गीता किसने लिखी?

भगवद गीता महर्षि वेदव्यास रचित महाभारत (भीष्म पर्व) का भाग है — किंतु ज्ञान भगवान श्री कृष्ण का है जो उन्होंने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में सुनाया। 18 अध्याय, 700 श्लोक। सांख्य योग, कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग — चार मुख्य मार्ग।

#भगवद गीता#वेदव्यास#कृष्ण
अस्त्र शस्त्र

अश्वत्थामा के पास कौन से अस्त्र थे?

अश्वत्थामा के पास ब्रह्मास्त्र, ब्रह्मशिरास्त्र, नारायणास्त्र (पिता द्रोण से) और जन्म से माथे में 'सिरोन रत्न' मणि थी जो सभी से रक्षा करती थी। यह मणि बाद में अर्जुन ने निकाल ली।

#अश्वत्थामा#ब्रह्मशिरास्त्र#नारायणास्त्र
शिव अवतार

शिव के किरात अवतार में अर्जुन से युद्ध कैसे हुआ?

वनवास में अर्जुन शिव की तपस्या कर रहे थे। दैत्य मूकासुर शूकर रूप में आया। किरात वेषधारी शिव और अर्जुन ने एक साथ बाण चलाए। विवाद में युद्ध हुआ, अर्जुन हारे, तब शिव प्रकट हुए और अर्जुन को पाशुपतास्त्र दिया।

#किरात अवतार#अर्जुन युद्ध#पाशुपतास्त्र
वास्तु तस्वीर नियम

घर में महाभारत की तस्वीर लगानी चाहिए या नहीं?

महाभारत के युद्ध दृश्य लगाना अशुभ है — पारिवारिक कलह और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। लेकिन श्रीकृष्ण का गीतोपदेश (अर्जुन को गीता उपदेश) लगाना शुभ है — यह ज्ञान और शांति का प्रतीक है।

#महाभारत#युद्ध तस्वीर#वास्तु दोष
महाभारत

अर्जुन का गांडीव धनुष कहाँ से मिला?

गांडीव धनुष मूलतः वरुणदेव के पास था जिसे उन्होंने अग्निदेव को दिया। खांडव वन दाह के समय अग्निदेव ने अर्जुन को यह दिव्य धनुष और अक्षय तरकश प्रदान किया। इसीलिए अर्जुन 'गांडीवधारी' कहलाए।

#गांडीव#अर्जुन#अग्निदेव
महाभारत

कुंती ने कर्ण को नदी में क्यों छोड़ा?

कुंती ने अविवाहित अवस्था में सूर्यदेव के वरदान से कर्ण को जन्म दिया था। उस युग में अविवाहित माँ का होना घोर सामाजिक अपमान था। लोक-लाज और परिवार की मर्यादा के भय से उन्होंने उस नवजात को नदी में बहा दिया।

#कुंती#कर्ण#लोक-लाज
महाभारत

द्रौपदी के पाँच पुत्रों के नाम?

द्रौपदी के पाँच पुत्र थे — युधिष्ठिर से प्रतिविन्ध्य, भीम से सुतसोम, अर्जुन से श्रुतकर्मा, नकुल से शतानीक और सहदेव से श्रुतसेन। इन्हें उपापांडव कहा जाता है। युद्ध की अंतिम रात अश्वत्थामा ने इन सभी को सोते समय मार दिया।

#द्रौपदी#उपपांडव#पांच पुत्र
महाभारत

गांधारी ने आँखों पर पट्टी क्यों बाँधी?

गांधारी ने विवाह के बाद जब जाना कि उनके पति धृतराष्ट्र नेत्रहीन हैं, तब पतिव्रत-धर्म की भावना से अपनी आँखों पर पट्टी बाँध ली — 'जब पति संसार नहीं देख सकते तो मुझे क्या अधिकार।' यह भारतीय साहित्य में आत्मत्याग का अनुपम उदाहरण है।

#गांधारी#आँखों की पट्टी#पतिव्रत
अस्त्र शस्त्र

गांडीव धनुष की विशेषता क्या थी?

गांडीव एक लाख धनुषों के बराबर था, 108 अकाट्य प्रत्यंचाएं थीं, एक साथ कई लक्ष्य भेद सकता था, और जो धारण करे उसमें दिव्य शक्ति आती थी। साथ में अक्षय तरकश था जिसमें बाण कभी खत्म नहीं होते।

#गांडीव विशेषता#अक्षय तरकश#एक लाख धनुष
अस्त्र शस्त्र

नारायणास्त्र महाभारत में किसने चलाया था?

नारायणास्त्र महाभारत में अश्वत्थामा ने चलाया था — पिता द्रोणाचार्य की मृत्यु का बदला लेने के लिए। द्रोण ने यह अस्त्र भगवान नारायण की उपासना से प्राप्त किया और अश्वत्थामा को दिया था।

#नारायणास्त्र#अश्वत्थामा#महाभारत
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