विस्तृत उत्तर
अग्नि पुराण में धनुर्वेद के 4 प्रमुख भाग बताए गए हैं। यह वर्गीकरण प्राचीन भारतीय अस्त्र-शस्त्र ज्ञान का सर्वाधिक प्रामाणिक स्रोत है।
चार भाग इस प्रकार हैं —
पहला भाग: अमुक्त — वे शस्त्र जो हाथ में पकड़कर प्रयोग किए जाते हैं और फेंके नहीं जाते। तलवार, गदा, भाला, परशु आदि इस श्रेणी में हैं।
दूसरा भाग: मुक्त — वे अस्त्र जो फेंककर चलाए जाते हैं और चलाने के बाद हाथ से छोड़ दिए जाते हैं। बाण, चक्र, शक्ति आदि इस श्रेणी में।
तीसरा भाग: मुक्तामुक्त — वे शस्त्र जो दोनों प्रकार से प्रयोग किए जा सकते हैं — हाथ में पकड़कर भी और फेंककर भी।
चौथा भाग: यंत्रमुक्त — वे अस्त्र जो किसी यंत्र (यंत्र-संचालित) की सहायता से फेंके जाते हैं। आधुनिक संदर्भ में इन्हें प्रक्षेपास्त्र की श्रेणी में रखा जा सकता है।
महत्व — अग्नि पुराण में धनुर्वेद के इस वर्गीकरण में सैनिक शिक्षा-पद्धति और प्राचीन अस्त्र-शस्त्रों का विशेष उपादेय और प्रामाणिक विवेचन किया गया है।




