विस्तृत उत्तर
मन के संदेह मिटने का मार्ग भगवान की प्रेममयी भक्ति से बताया गया है। जब ऐसी भक्ति से संसार की समस्त आसक्तियाँ मिट जाती हैं और हृदय आनंद से भर जाता है, तब भगवान के तत्त्व का अनुभव अपने आप होता है। इसके बाद हृदय में आत्मस्वरूप भगवान का साक्षात्कार होते ही हृदय की गांठ टूट जाती है, सारे संदेह मिट जाते हैं और कर्मबंधन क्षीण हो जाता है। इस क्रम से स्पष्ट है कि संदेह केवल बहस या बाहरी जानकारी से नहीं मिटते। जब मन भक्ति से शुद्ध होता है, आसक्ति घटती है, हृदय में आनंद और भगवान का अनुभव होता है, तब भीतर की उलझन और शंका कटती है। इसलिए प्रेमभक्ति ही संदेह-निवारण का मुख्य आधार बताई गई है।
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