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तिथि

एकादशी तिथि — तिथि — विधि, व्रत, पूजन प्रश्नोत्तर(202)

एकादशी तिथि से जुड़े 202 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

पौराणिक कथा

निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी क्यों कहते हैं?

भूख बर्दाश्त न कर पाने के कारण भीमसेन साल भर के व्रत नहीं कर सकते थे। महर्षि व्यास के कहने पर उन्होंने सिर्फ इस एक दिन बिना पानी पिए कठिन व्रत किया था, इसलिए इसे 'भीमसेनी एकादशी' कहते हैं।

#भीमसेनी एकादशी#पाण्डव एकादशी#वृक अग्नि
दार्शनिक आधार

एकादशी का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?

'एकादशी' का मतलब है शरीर और मन की 11 इंद्रियों पर काबू पाकर भगवान की भक्ति में ध्यान लगाना।

#एकादशी अर्थ#इंद्रिय निग्रह#आध्यात्मिक महत्व
दार्शनिक आधार

निर्जला एकादशी कब मनाई जाती है?

यह व्रत ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में आता है, जब भीषण गर्मी पड़ रही होती है।

#निर्जला एकादशी#ज्येष्ठ मास#ग्रीष्म ऋतु
नियम और वर्जनाएं

बीमार या बुजुर्ग लोग एकादशी का व्रत कैसे करें?

बीमार और बुजुर्ग लोग सिर्फ फलाहार करके या शाम को एक समय भोजन (नक्त) करके व्रत कर सकते हैं। बहुत ज्यादा बीमार लोगों के लिए घर का कोई दूसरा सदस्य 'प्रतिनिधि' बनकर उनका व्रत रख सकता है।

#रोगी का व्रत#प्रतिनिधि व्रत#फलाहार
पारण विधि

एकादशी व्रत खोलने (पारण) का सही समय और नियम क्या है?

व्रत अगले दिन (द्वादशी) हरि वासर बीतने के बाद खोलना चाहिए। व्रत खोलने से पहले ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए। व्रत हमेशा 'चावल' खाकर खोलना चाहिए, क्योंकि द्वादशी को चावल भगवान का प्रसाद बन जाता है।

#पारण का समय#हरि वासर#चावल का प्रसाद
प्रायश्चित

गलती से एकादशी का व्रत टूट जाए तो क्या करें?

व्रत टूट जाने पर घबराएं नहीं। भगवान विष्णु के 'अच्युत' नाम का ध्यान करें और 11 माला विष्णु मंत्र का जाप कर दान दें। सबसे बड़ा प्रायश्चित है कि अगली 'निर्जला एकादशी' का व्रत पूरी निष्ठा से रखें।

#व्रत भंग#प्रायश्चित#निर्जला एकादशी
व्रत का फल

वरूथिनी एकादशी व्रत करने का क्या फल मिलता है?

इस व्रत को करने से दस हजार साल की तपस्या, अश्वमेध यज्ञ, सूर्य ग्रहण के समय सोना दान करने और कन्यादान करने से भी ज्यादा पुण्य मिलता है। इसका पुण्य इतना है कि चित्रगुप्त भी उसका हिसाब नहीं लगा सकते।

#पुण्य फल#अश्वमेध यज्ञ#कन्यादान
नियम और वर्जनाएं

एकादशी पर चावल खाना क्यों मना है?

पौराणिक कथा के अलावा वैज्ञानिक कारण यह है कि चावल बहुत ज्यादा पानी सोखता है। एकादशी पर चावल खाने से शरीर का जलीय तत्व बिगड़ जाता है, जिससे मन अशांत और चंचल हो जाता है।

#चावल निषेध#वैज्ञानिक कारण#मानसिक शांति
नियम और वर्जनाएं

एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए (निषेध)?

इस दिन लकड़ी की दातून नहीं करनी चाहिए। कांसे के बर्तन का इस्तेमाल, गुस्सा करना, झूठ बोलना, चुगली करना, दिन में सोना और शारीरिक संबंध बनाना पूरी तरह मना है।

#व्रत के नियम#निषेध#दातून निषेध
पूजा विधि

वरूथिनी एकादशी की पूजा विधि क्या है?

दशमी के दिन सात्विक भोजन कर ब्रह्मचर्य का पालन करें। एकादशी की सुबह नहाकर पीले कपड़े पहनें और संकल्प लें। भगवान की पूजा में तुलसी दल जरूर चढ़ाएं। दिन भर फलाहार कर रात में भजन-कीर्तन करें।

#पूजा विधि#दशमी नियम#तुलसी दल
पूजा विधि

वरूथिनी एकादशी पर विष्णु जी के किस अवतार की पूजा होती है?

इस दिन भगवान विष्णु के 'वराह अवतार' की पूजा होती है, जिन्होंने पृथ्वी को प्रलय से बचाया था। पूजा में पंचामृत से स्नान कराकर पीले फूल, पीले फल, चंदन और सफेद तिल चढ़ाने चाहिए।

#वराह अवतार#विष्णु पूजा#षोडशोपचार
तिथि निर्णय

व्रत के लिए 'विद्धा' (दशमी युक्त) एकादशी क्यों मना है?

शास्त्रों के अनुसार, जिस एकादशी में दशमी तिथि मिली हुई हो (विद्धा एकादशी), वह राक्षसी प्रवृत्ति की मानी जाती है। इसलिए दशमी मिली हुई एकादशी का व्रत कभी नहीं करना चाहिए।

#तिथि निर्णय#विद्धा एकादशी#शुद्धा एकादशी
व्रत कथा

वरूथिनी एकादशी की व्रत कथा क्या है?

एक बार तपस्या करते समय राजा मान्धाता का पैर भालू ने चबा लिया था। भगवान विष्णु ने भालू को मारकर राजा को मथुरा जाकर 'वरूथिनी एकादशी' का व्रत करने को कहा। यह व्रत करने से राजा का पैर फिर से ठीक हो गया।

#व्रत कथा#राजा मान्धाता#भालू का प्रसंग
पौराणिक कथा

एकादशी के दिन अन्न (अनाज) क्यों नहीं खाते?

पद्म पुराण के अनुसार, एकादशी के दिन 'पापपुरुष' (पापों का पुतला) अनाज में छुपकर बैठता है। इसलिए जो भी इंसान एकादशी के दिन अनाज खाता है, वह असल में पापों को खाता है।

#अन्न निषेध#पापपुरुष#पद्म पुराण
दार्शनिक आधार

वरूथिनी एकादशी का क्या अर्थ है?

'वरूथिनी' का मतलब होता है 'कवच' या रक्षा करने वाला। यह एकादशी हमारे चारों तरफ एक ऐसा सुरक्षा चक्र बना देती है जो हमें हर तरह के पापों, बीमारियों, नकारात्मक शक्तियों और पुराने कर्मों के बुरे फल से बचाती है।

#वरूथिनी एकादशी#कवच#आध्यात्मिक अर्थ
पारण विधि

एकादशी का व्रत कैसे खोलें (पारण का समय) और 'हरिवासर' का नियम क्या है?

व्रत अगले दिन (द्वादशी) की सुबह सूरज निकलने के बाद ही खोलना चाहिए। द्वादशी के शुरुआती समय ('हरिवासर') में व्रत नहीं खोलते। व्रत खोलने के लिए चरणामृत और तुलसी का इस्तेमाल करना चाहिए।

#पारण का समय#हरिवासर#व्रत खोलना
प्रायश्चित

अगर गलती से एकादशी का व्रत टूट जाए, तो शास्त्रों के अनुसार क्या प्रायश्चित करना चाहिए?

भूल से व्रत टूटने पर गंगाजल के साथ दो तुलसी के पत्ते खाएं। भगवान विष्णु के मंत्र की 11 माला जपें। गाय को चारा खिलाएं और ब्राह्मण को पीला कपड़ा और दाल दान दें।

#व्रत भंग#प्रायश्चित#तुलसी सेवन
प्रतिनिधि व्रत

अगर कोई बीमार हो, तो क्या उसकी जगह कोई और (प्रतिनिधि) एकादशी का व्रत रख सकता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार अगर कोई बहुत बीमार है, तो उसकी जगह उसका बेटा, पति/पत्नी, भाई-बहन या कोई पुरोहित व्रत रख सकता है। इसे 'प्रतिनिधि व्रत' कहते हैं।

#प्रतिनिधि व्रत#अशक्त व्यक्ति#प्रॉक्सी व्रत
नियम और वर्जनाएं

क्या घर में जन्म या मृत्यु (सूतक-पातक) होने पर भी एकादशी का व्रत रखना चाहिए?

हाँ, सूतक-पातक (जन्म या मृत्यु) में भी व्रत जरूर रखना चाहिए। बस भगवान की मूर्ति को हाथ नहीं लगाना चाहिए, आप मन ही मन जाप कर सकते हैं।

#सूतक-पातक#अशौच#व्रत नियम
आहार और नियम

एकादशी के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या बिल्कुल मना है (निषेध)?

चावल, गेहूं, दालें, प्याज, लहसुन और हींग बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। व्रत में आप दूध, दही, फल, साबूदाना, कुट्टू का आटा, आलू और सेंधा नमक खा सकते हैं।

#आहार नियम#फलाहार#वर्जित आहार
पूजा विधि

कामदा एकादशी की सुबह की पूजा विधि (षोडशोपचार) क्या है?

सुबह नहाकर भगवान विष्णु की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं। उन्हें पीले कपड़े पहनाएं, चंदन लगाएं और तुलसी का पत्ता जरूर चढ़ाएं। अंत में खीर या फल का भोग लगाकर आरती करें।

#षोडशोपचार पूजा#तुलसी दल#वासुदेव स्वरूप
आहार और नियम

कामदा एकादशी व्रत के लिए दशमी तिथि से ही किन नियमों का पालन करना चाहिए?

दशमी के दिन सिर्फ एक बार बिना प्याज-लहसुन का सादा खाना खाना चाहिए। मांस, शराब, मसूर की दाल और कांसे के बर्तन का इस्तेमाल मना है। रात में जमीन पर सोना चाहिए।

#दशमी के नियम#व्रत नियम#ब्रह्मचर्य
तिथि निर्णय

व्रत के लिए 'शुद्धा' और 'विद्धा' (दशमी युक्त) एकादशी में से कौन सी सही है?

व्रत के लिए 'शुद्धा' (बिना दशमी वाली) एकादशी ही सही मानी जाती है। अगर एकादशी में दशमी मिली हो (विद्धा), तो उस दिन व्रत नहीं करना चाहिए।

#शुद्धा एकादशी#विद्धा एकादशी#तिथि निर्णय
नियम और वर्जनाएं

एकादशी के व्रत में चावल (अक्षत) खाना सबसे बड़ा पाप क्यों माना जाता है?

महर्षि मेधा के शरीर के अंश से चावल और जौ पैदा हुए थे, इसलिए चावल को 'जीव' माना जाता है। साथ ही, एकादशी पर पाप पुरुष अनाज में रहता है, इसलिए चावल खाना पाप है।

#चावल निषेध#महर्षि मेधा#अन्न निषेध
व्रत कथा

कामदा एकादशी की व्रत कथा क्या है (ललित गंधर्व और ललिता की कथा)?

ललित गंधर्व को राजा पुण्डरीक ने गलती करने पर 'राक्षस' बनने का शाप दे दिया था। उसकी पत्नी ललिता ने शृंगी ऋषि के कहने पर कामदा एकादशी का व्रत किया, जिससे ललित वापस गंधर्व बन गया।

#व्रत कथा#ललित और ललिता#शृंगी ऋषि
पौराणिक कथा

एकादशी माता की उत्पत्ति कैसे हुई और इस दिन अनाज क्यों नहीं खाते (पाप पुरुष की कथा)?

भगवान विष्णु ने नरक में जीवों का कष्ट दूर करने के लिए एकादशी देवी को प्रकट किया था। एकादशी के दिन 'पाप पुरुष' अनाज में छुपकर बैठता है, इसलिए इस दिन अनाज खाना पाप है।

#एकादशी उत्पत्ति#पाप पुरुष#अन्न निषेध
व्रत का महत्व

कामदा एकादशी व्रत कब आता है और इसका क्या अर्थ है?

यह व्रत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष में आता है। 'कामदा' का मतलब है सभी इच्छाओं (कामनाओं) को पूरा करने वाली। इसे फलदा एकादशी भी कहते हैं।

#कामदा एकादशी#चैत्र मास#कामना पूर्ति
व्रत एवं उपवास

सफला एकादशी का महत्व

सफला एकादशी पौष कृष्ण एकादशी को मनाई जाती है। यह जीवन के रुके कार्यों को पूरा करने और सफलता दिलाने वाली एकादशी है। लुम्पक की कथा इसका आधार है, जिसे अनजाने में व्रत करने पर भी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त हुई।

#सफला एकादशी#पौष माह#एकादशी महत्व
व्रत एवं उपवास

निर्जला एकादशी व्रत की विधि

निर्जला एकादशी ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को होती है। इसमें पूरे दिन जल और अन्न दोनों त्यागे जाते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, पीले वस्त्र, विष्णु पूजा, तुलसी, जल दान और रात्रि जागरण इसके मुख्य अंग हैं। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं।

#निर्जला एकादशी#भीमसेनी एकादशी#ज्येष्ठ एकादशी
व्रत एवं उपवास

एकादशी व्रत महिलाएँ कर सकती हैं क्या?

हाँ, एकादशी व्रत महिलाएँ अवश्य कर सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान स्वयं पूजा न करें, लेकिन कथा श्रवण, भजन और भगवान स्मरण कर सकती हैं तथा चावल का त्याग करें। शुद्धि के बाद द्वादशी पर पारण करें।

#एकादशी#महिलाएं#व्रत
व्रत एवं उपवास

एकादशी का व्रत कब तोड़ें?

एकादशी व्रत द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद, हरिवासर काल समाप्त होने पर तोड़ना चाहिए। त्रयोदशी आने से पहले पारण अवश्य कर लें। पहले विष्णु पूजा करें, चरणामृत लें, फिर भोजन ग्रहण करें।

#एकादशी पारण#व्रत तोड़ना#द्वादशी
व्रत एवं उपवास

एकादशी व्रत में कौन सा अनाज खा सकते हैं?

एकादशी में चावल, गेहूं, दाल जैसे अनाज वर्जित हैं। साबूदाना, शकरकंद, आलू, सभी फल, दूध-दही, मखाना, मेवे, सेंधा नमक खाए जा सकते हैं। कुट्टू और सिंघाड़े पर विद्वानों में मतभेद है।

#एकादशी#व्रत आहार#फलाहार
पूजा विधि एवं नियम

एकादशी पर तुलसी पूजा कैसे करें?

एकादशी पर तुलसी के पत्ते न तोड़ें, जल न चढ़ाएं। एक दिन पहले दशमी को पत्ते तोड़कर रख लें। एकादशी पर दीपक जलाकर, धूप-पूजन करके, तुलसी स्तुति और विष्णु ध्यान के साथ पूजा करें।

#एकादशी#तुलसी पूजा#तुलसी विधि
व्रत विधि

एकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं?

एकादशी जल: हाँ — 23 एकादशियों में पानी अनुमत। केवल निर्जला (ज्येष्ठ शुक्ल) = जल वर्जित। अन्न वर्जित, जल-फल-दूध अनुमत। स्वास्थ्य सर्वोपरि।

#एकादशी#पानी#जल
व्रत विधि

देवशयनी एकादशी से देवउठनी तक शुभ कार्य क्यों नहीं करते?

चातुर्मास: विष्णु निद्रा (दैवी कृपा अनुपलब्ध), वर्षा ऋतु (यात्रा कठिन), तप-साधना काल, जीव रक्षा (अहिंसा)। वर्जित: विवाह, मुण्डन, गृह प्रवेश। अनुमत: पूजा, व्रत, दान। देवउठनी = मुक्ति → विवाह आरम्भ।

#चातुर्मास#देवशयनी#देवउठनी
व्रत विधि

निर्जला एकादशी का व्रत सबसे कठिन क्यों माना जाता है?

निर्जला कठिन: जल भी वर्जित (24 घण्टे), ज्येष्ठ=भीषण गर्मी (40-48°C), भीम कथा (महाबली भी कठिन), 24 एकादशी=1 निर्जला (फल=कठिनता दोनों सर्वाधिक)। केवल आचमन। स्वास्थ्य सर्वोपरि।

#निर्जला#कठिन#ज्येष्ठ
व्रत विधि

एकादशी व्रत में चावल क्यों नहीं खाते?

चावल वर्जित: पद्म पुराण — पाप पुरुष अन्न/चावल में छिपा। चावल=जल तत्व/तमोगुण (एकादशी=सत्त्व), चन्द्र सम्बद्ध, कफकारक (शुद्धि बाधक)। सभी अन्न वर्जित। विकल्प: कुट्टू, साबूदाना, फल, दूध, समा चावल।

#एकादशी#चावल#वर्जित
व्रत विधि

परमा एकादशी का व्रत किस उद्देश्य से रखें?

परमा एकादशी: अधिक/पुरुषोत्तम मास शुक्ल एकादशी (2.5-3 वर्ष में एक बार)। उद्देश्य: सर्वपाप नाश, सभी एकादशियों का सम्मिलित पुण्य, मोक्ष कामना। अधिक मास = पुरुषोत्तम (विष्णु) मास — सर्व पुण्य कर्म अनेकगुना फल।

#परमा एकादशी#अधिक मास#पुरुषोत्तम मास
व्रत विधि

प्रबोधिनी एकादशी पर विष्णु जागरण कैसे करें?

प्रबोधिनी एकादशी: कार्तिक शुक्ल एकादशी। विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं। विधि: शंख-घण्टा से जगाएँ → 'उत्तिष्ठ गोविन्द...' मंत्र → षोडशोपचार → तुलसी विवाह → रात्रि जागरण → गन्ना-आँवला भोग। चातुर्मास समाप्ति, विवाह मुहूर्त आरम्भ।

#प्रबोधिनी एकादशी#देवउठनी#कार्तिक शुक्ल एकादशी
व्रत विधि

हरिशयनी एकादशी पर विष्णु पूजा कैसे करें?

हरिशयनी एकादशी: आषाढ़ शुक्ल एकादशी। विष्णु योगनिद्रा आरम्भ, चातुर्मास प्रारम्भ (4 माह शुभ कार्य वर्जित)। विधि: विष्णु शयन सज्जा → षोडशोपचार → 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 1008 जप → चातुर्मास संकल्प → दान। प्रबोधिनी तक विष्णु सोते हैं।

#हरिशयनी एकादशी#देवशयनी#चातुर्मास
व्रत विधि

विजया एकादशी व्रत कैसे रखें?

विजया एकादशी: फाल्गुन कृष्ण एकादशी। श्रीराम ने लंका विजय से पूर्व रखी थी। विजय प्रदायिनी। विधि: दशमी शाम भोजन → एकादशी निर्जला/फलाहार → विष्णु पूजा-जप → रात्रि जागरण → द्वादशी पारण। कोर्ट/परीक्षा/प्रतिस्पर्धा हेतु विशेष।

#विजया एकादशी#फाल्गुन कृष्ण एकादशी#विजय प्राप्ति
व्रत विधि

मोहिनी एकादशी का क्या विशेष महत्व है?

मोहिनी एकादशी: वैशाख शुक्ल एकादशी। विशेष: विष्णु मोहिनी अवतार दिवस (समुद्र मंथन)। मोह-माया नाश। मेरुपर्वत सम पाप क्षय। सहस्र गोदान फल। कथा: धृष्टबुद्धि → कौण्डिन्य ऋषि → व्रत → विष्णुधाम। वर्ष की श्रेष्ठतम एकादशियों में।

#मोहिनी एकादशी#वैशाख शुक्ल एकादशी#मोहिनी अवतार
एकादशी

कामिका एकादशी व्रत कैसे रखें

कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण एकादशी। दशमी एक-समय भोजन → एकादशी निराहार/फलाहार → विष्णु पूजा (तुलसी विशेष) → 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' → कथा → रात्रि जागरण → द्वादशी पारण। तुलसी = सहस्र गोदान पुण्य। शिव+विष्णु कृपा।

#कामिका एकादशी#श्रावण#विष्णु
एकादशी

पुत्रदा एकादशी व्रत कैसे रखें

पुत्रदा एकादशी: श्रावण/पौष शुक्ल एकादशी = सन्तान प्राप्ति हेतु। निराहार/फलाहार → विष्णु/बालकृष्ण पूजा → सन्तान गोपाल मंत्र → कथा → जागरण → द्वादशी पारण। कथा: सन्तानहीन राजा महीजित को व्रत से पुत्र प्राप्ति। दम्पति साथ करें।

#पुत्रदा एकादशी#श्रावण#सन्तान
एकादशी

पापमोचनी एकादशी का क्या महत्व है

पापमोचनी एकादशी: चैत्र कृष्ण एकादशी = सर्वपापनाशिनी। जो पाप अन्य उपायों से न मिटें, वे भी नष्ट। कथा: मेधावी मुनि तपोभ्रष्ट → व्रत से मुक्ति। विष्णु पूजा + जप + कथा + जागरण। होली बाद प्रायश्चित भी। पद्मपुराण में माहात्म्य।

#पापमोचनी एकादशी#चैत्र#पाप नाश
पर्व

तुलसी विवाह प्रबोधिनी एकादशी पर कैसे करें

तुलसी विवाह: देवउठनी एकादशी (कार्तिक शुक्ल)। तुलसी = कन्या (साड़ी, श्रृंगार), शालग्राम = वर। विवाह: गणपति पूजन → कन्यादान → गठबन्धन → 7 फेरे (दीपक चारों ओर) → आरती। गन्ना-आँवला अर्पित। इससे विवाह मौसम आरम्भ। कन्यादान पुण्य।

#तुलसी विवाह#प्रबोधिनी एकादशी#शालग्राम
व्रत एवं पर्व

देवशयनी और देवउठनी एकादशी में क्या अंतर है

देवशयनी (आषाढ़ शुक्ल एकादशी) = विष्णु का शयन, चातुर्मास आरम्भ, शुभ कार्य बन्द। देवउठनी (कार्तिक शुक्ल एकादशी) = विष्णु का जागरण, चातुर्मास समाप्त, शुभ कार्य + विवाह आरम्भ, तुलसी विवाह। ~4 मास अन्तराल। पद्मपुराण: देवउठनी = 1000 अश्वमेध फल।

#देवशयनी#देवउठनी#एकादशी
व्रत विधि

निर्जला एकादशी व्रत कैसे रखें?

निर्जला एकादशी: ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (भीमसेनी)। सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जल भी वर्जित। विष्णु पूजा + जप + रात्रि जागरण। द्वादशी में पारण (तुलसी जल → भोजन)। जलदान-पंखा-छाता दान। फल = 24 एकादशियों बराबर। सबसे कठोर व्रत।

#निर्जला एकादशी#भीमसेनी एकादशी#ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
व्रत विधि

एकादशी व्रत कैसे रखें विधि और नियम?

एकादशी व्रत: दशमी शाम एक भोजन (चावल वर्जित) → एकादशी: निर्जला/फलाहार + विष्णु पूजा + 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' + रात्रि जागरण → द्वादशी: सूर्योदय बाद पारण। अन्न-प्याज-लहसुन वर्जित। प्रति मास 2, वर्ष 24 एकादशी।

#एकादशी#व्रत#विष्णु
पूजा विधि

तुलसी के पत्ते रविवार और एकादशी को क्यों नहीं तोड़ते?

रविवार: सूर्य देव का दिन, तुलसी विश्राम, जल-दीपक-पत्ते तीनों वर्जित। एकादशी: विष्णु की पवित्र तिथि, तुलसी को कष्ट न दें। द्वादशी पर सर्वाधिक कठोर निषेध (ब्रह्म हत्या सम)। उपाय: दशमी/शनिवार को पहले तोड़ रखें — तुलसी बासी नहीं होती।

#तुलसी रविवार#तुलसी एकादशी#निषेध
आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
सभी पर्व देखें

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी — पर्व-केन्द्रित प्रश्नोत्तर।