पूजा विधि एवं कर्मकांडकृष्ण जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या हैकृष्ण को प्रसन्न करने के उपाय — माखन-मिश्री का भोग, हरे कृष्ण महामंत्र जप, गीता का नित्य पाठ, तुलसीमाला से 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' जप, और सखा-भाव में उनसे बात करना। कृष्ण प्रेम के भूखे हैं — झूठी विधि से नहीं, सच्चे भाव से प्रसन्न होते हैं।#कृष्ण प्रसन्न#गोविंद उपाय#कृष्ण पूजा
दिव्यास्त्रनारायणास्त्र से पांडव सेना को कैसे बचाया गया?श्रीकृष्ण की सूझबूझ से पांडव सेना बची। कृष्ण ने सभी को शस्त्र त्यागकर रथ से उतरकर हाथ जोड़कर नारायणास्त्र के प्रति समर्पण करने का आदेश दिया।#नारायणास्त्र#पांडव सेना#कृष्ण
दिव्यास्त्रघटोत्कच का बलिदान कृष्ण की रणनीति का हिस्सा था — कैसे?कृष्ण ने जानबूझकर घटोत्कच को रात में उतारा ताकि कर्ण वासवी शक्ति उस पर चलाने को विवश हो जाए। यह अर्जुन को बचाने के लिए एक सुनियोजित रणनीतिक बलिदान था।#घटोत्कच#बलिदान#कृष्ण
दिव्यास्त्रकृष्ण ने कर्ण के मन को कैसे भ्रमित रखा?कृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से कर्ण के मन को मोहित और भ्रमित रखा ताकि वह अर्जुन पर वासवी शक्ति का प्रयोग करने के बारे में न सोचे।#कृष्ण#कर्ण#मन भ्रमित
मंत्र साधनासंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र विधिसंतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी को बाल गोपाल की प्रतिमा के समक्ष 'ॐ देवकीसुत गोविन्द...' मंत्र का तुलसी की माला से संकल्पित जप करना चाहिए।#संतान#गोपाल मंत्र#कृष्ण
देव कथाकृष्ण ने सुदामा की गरीबी कैसे दूर की?सुदामा=गरीब बालसखा, मुट्ठी चावल भेंट। कृष्ण ने खाए, बिना माँगे झोपड़ी→महल। 'माँगो मत, प्रेम दो=सब मिलेगा।' सच्ची मित्रता=धन नहीं देखती। मुट्ठी=करोड़ लौटे।#कृष्ण#सुदामा#मित्रता
कृष्ण भक्तिगोपाल मंत्र का जप कृष्ण भक्ति के लिए कैसे करें?गोपाल तापनी: 'क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा'। द्वादशाक्षर: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'। तुलसी माला, माखन-मिश्री, एकादशी/जन्माष्टमी। संतान गोपाल = संतान हेतु। कृष्ण = गो (ज्ञान) + पाल (रक्षक)।#गोपाल#कृष्ण#मंत्र
श्रीमद्भागवतकृष्ण गृहस्थ होकर भी निर्लिप्त कैसे रहे?कृष्ण गृहस्थ होकर भी निर्लिप्त रहे क्योंकि वे परमेश्वर हैं; वे अपनी माया से मनुष्यलोक में लीला करते हैं, पर प्रकृति के गुण उन्हें बांध नहीं पाते।#कृष्ण गृहस्थ जीवन#कृष्ण निर्लिप्त#कृष्ण लीला
श्रीमद्भागवतकृष्ण भक्तों से कैसे मिलते हैं?कृष्ण भक्तों और नगरवासियों से उनकी योग्यता के अनुसार मिले: किसी को प्रणाम किया, किसी से बोले, किसी को गले लगाया, किसी से हाथ मिलाया और किसी को प्रेमभरी दृष्टि दी।#कृष्ण भक्त#कृष्ण मिलन#भक्ति
श्रीमद्भागवतद्वारका में कृष्ण का स्वागत कैसे हुआ?द्वारका में कृष्ण का स्वागत भेंट, स्तुति, वेदपाठ, शंख-तुरही, ब्राह्मणों, हाथी, रथों, नर्तकों, गायकों और प्रेम से उमड़े परिजनों के साथ हुआ।#कृष्ण स्वागत#द्वारकावासी#वसुदेव
श्रीमद्भागवतकृष्ण के स्वागत में द्वारका कैसे सजाई गई?कृष्ण के स्वागत में द्वारका के फाटक, राजमार्ग, बाजार, चौक और घरों के द्वार बंदनवार, ध्वज, फूल, अक्षत, कलश, धूप और दीप से सजाए गए।#द्वारका सजावट#कृष्ण स्वागत#द्वारका उत्सव
श्रीमद्भागवतभीष्म पितामह को मोक्ष कैसे मिला?भीष्म को मोक्ष कृष्ण-स्मरण से मिला; उन्होंने मन, वाणी और दृष्टि कृष्ण में लीन की और भेद-मोह छोड़कर कृष्ण को प्राप्त हुए।#भीष्म मोक्ष#कृष्ण#प्राण त्याग
श्रीमद्भागवतभीष्म के अनुसार कृष्ण एक होकर भी अनेक कैसे दिखते हैं?भीष्म ने सूर्य का उदाहरण दिया: जैसे एक सूर्य अनेक आँखों से अनेक दिखता है, वैसे एक कृष्ण अनेक हृदयों में अनेक रूप से जान पड़ते हैं।#कृष्ण#परमात्मा#भीष्म स्तुति
श्रीमद्भागवतभीष्म के अनुसार कृष्ण नारायण कैसे हैं?भीष्म के अनुसार कृष्ण साक्षात आदिपुरुष नारायण हैं, जो यदुवंश में छिपकर लीला करते हैं और सबके आत्मा हैं।#कृष्ण नारायण#भीष्म#परमात्मा
श्रीमद्भागवतकृष्ण दर्शन से जन्म-मृत्यु कैसे मिटती है?कुंती के अनुसार विपत्ति में कृष्ण का दर्शन होता है, और कृष्ण के चरणकमल का दर्शन जन्म-मृत्यु के प्रवाह को रोक देता है।#कृष्ण दर्शन#जन्म मृत्यु#कुंती
श्रीमद्भागवतयुधिष्ठिर को राज्य वापस कैसे मिला?कृष्ण ने युधिष्ठिर को वह राज्य वापस दिलाया जिसे छल से छीन लिया गया था और द्रौपदी का अपमान करने वाले राजाओं का वध कराया।#युधिष्ठिर#कृष्ण#राज्य
श्रीमद्भागवतकृष्ण ने युद्ध के बाद पांडवों को कैसे संभाला?कृष्ण ने शोकाकुल लोगों को काल की गति समझाकर सांत्वना दी, युधिष्ठिर को राज्य दिलाया और उनके यश के लिए तीन अश्वमेध यज्ञ कराए।#कृष्ण#पांडव#युद्ध के बाद
श्रीमद्भागवतकृष्ण ने परीक्षित को गर्भ में कैसे बचाया?कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से भक्तों की रक्षा की और उत्तरा के गर्भ को अपनी माया के कवच से ढककर परीक्षित को बचाया।#कृष्ण#परीक्षित#उत्तरा
श्रीमद्भागवतपरीक्षित गर्भ में कैसे बचे?परीक्षित कृष्ण की कृपा से बचे; कृष्ण ने उत्तरा के गर्भ को अपनी माया के कवच से ढक दिया और ब्रह्मास्त्र शांत हो गया।#परीक्षित#गर्भ रक्षा#कृष्ण
श्रीमद्भागवतअश्वत्थामा को कैसे पकड़ा गया?अर्जुन ने कृष्ण को सारथि बनाकर अश्वत्थामा का पीछा किया, ब्रह्मास्त्र का संकट शांत किया और फिर उसे पशु की तरह बाँध लिया।#अश्वत्थामा#अर्जुन#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकृष्ण कथा सुनते-सुनते भक्ति कैसे बढ़ती है?नारदजी ने श्रद्धा से कृष्ण कथा सुनी; पद-पद सुनते हुए भगवान में रुचि हुई और भक्ति प्रकट होकर रज-तम को हटाने लगी।#कृष्ण कथा#भक्ति वृद्धि#श्रवण
श्रीमद्भागवतकृष्ण कथा सुनने से पाप कैसे मिटते हैं?भगवान के नाम-यश से युक्त वाणी पाप मिटाती है; नारदजी ने संतों की सेवा और कृष्ण कथा सुनकर अपना हृदय शुद्ध किया।#कृष्ण कथा#पाप नाश#सत्संग
श्रीमद्भागवतभगवान की भक्ति से मन को शांति कैसे मिलती है?निरंतर और निष्काम भक्ति से हृदय परमात्मा को पाता है, अशुभ वासनाएँ मिटती हैं और आत्मप्रसाद मिलता है।#मन की शांति#भक्ति#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकृष्ण मनुष्य जैसे दिखकर भी भगवान कैसे थे?कृष्ण लोगों के सामने मनुष्य जैसे आचरण करते थे, पर बलराम के साथ उन्होंने ऐसी लीलाएँ और पराक्रम किए जो मनुष्य नहीं कर सकते।#कृष्ण#भगवान#मानव लीला
श्रीमद्भागवतभागवत पुस्तक की पूजा कैसे करें?भागवत पुस्तक की धूप-दीप से विधिपूर्वक पूजा कर आगे नारियल रखकर प्रणाम और स्तुति की जाती है; समाप्ति पर भी पुस्तक पूजा है।#भागवत पुस्तक#पूजा#नारियल
श्रीमद्भागवतभागवत कथा में भगवान कृष्ण की पूजा कैसे करें?मंडल में श्रीहरि की स्थापना कर श्रीकृष्ण को लक्ष्य बनाकर मंत्रोच्चार सहित षोडशोपचार पूजा, दक्षिणा और नमस्कार करना बताया गया है।#कृष्ण पूजा#षोडशोपचार#भागवत कथा
श्रीमद्भागवतभागवत श्रवण से गोलोक कैसे मिलता है?श्रावण मास में पुनः भागवत सप्ताह के बाद भगवान कृष्ण प्रकट हुए और गोकर्ण सहित श्रोताओं को गोलोक-हरिलोक ले गए।#गोलोक#भागवत श्रवण#गोकर्ण
श्रीमद्भागवतआत्मदेव को कृष्ण की प्राप्ति कैसे हुई?आत्मदेव ने गोकर्ण के उपदेश से घर छोड़ा, वन में हरि सेवा की और नियमपूर्वक दशम स्कंध का पाठ करके श्रीकृष्ण को प्राप्त किया।#आत्मदेव#कृष्ण प्राप्ति#दशम स्कंध
श्रीमद्भागवतकृष्ण भागवत में कैसे स्थित हैं?कहा गया है कि भगवान ने अपना तेज भागवत में रखा और अंतर्धान होकर भागवत-सागर में प्रवेश किया।#कृष्ण#भागवत#वाङ्मयी मूर्ति
श्रीमद्भागवतदुख कैसे दूर करें?दुख दूर करने के लिये कृष्ण-स्मरण, भक्ति, श्रीमद्भागवत और सत्संग का मार्ग बताया गया है।#दुख#भक्ति#कृष्ण
श्रीमद्भागवतयमराज का भय कैसे मिटे?कहा गया है कि जिनके हृदय में प्रेमरूप भक्ति रहती है, वे स्वप्न में भी यमराज को नहीं देखते।#यमराज#भक्ति#भय
श्रीमद्भागवतभगवान भक्ति से कैसे प्रसन्न होते हैं?नारदजी कहते हैं कि तप, वेद, ज्ञान और कर्म से नहीं, भगवान भक्ति से वश में होते हैं।#भगवान#भक्ति#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकृष्ण को कैसे पाएं?स्रोत के अनुसार भगवान कृष्ण भक्ति से प्राप्त होते हैं; कलियुग में भक्ति ही सार है।#कृष्ण#भक्ति#भगवान
श्रीमद्भागवतकलियुग में भगवान कृष्ण को कैसे प्रसन्न करें?श्रीमद्भागवत को भगवान कृष्ण की प्रसन्नता और भक्ति-वृद्धि का साधन कहा गया है।#भगवान कृष्ण#कलियुग#भागवत कथा
लोकशिशुपाल को मुक्ति कैसे मिली?शिशुपाल को कृष्ण के हाथों वध होकर श्राप से मुक्ति मिली।#शिशुपाल#मुक्ति#कृष्ण
लोकधनतेरस की पूजा कैसे शुरू हुई?माधव ने लक्ष्मी जी के वचन पर धनतेरस पूजा आरंभ की।#धनतेरस पूजा#माधव#लक्ष्मी
लोकलक्ष्मी जी की कृपा से धन कैसे आता है?लक्ष्मी-कृपा श्रम को फल देती है और घर में धन-धान्य बढ़ाती है।#लक्ष्मी कृपा#धन#माधव
लोकमाधव किसान गरीब से अमीर कैसे हुआ?लक्ष्मी जी की कृपा से उसके खेत, पशुधन और आय बढ़ी।#माधव#गरीब से अमीर#लक्ष्मी
लोकगरीब किसान माधव की किस्मत कैसे बदली?लक्ष्मी जी के घर आने और माधव के पुण्य भाव से उसकी किस्मत बदली।#माधव#किस्मत#लक्ष्मी कृपा
लोकमाधव किसान को लक्ष्मी जी का आशीर्वाद कैसे मिला?माधव ने दया और अतिथि-सत्कार दिखाया, इसलिए उसे आशीर्वाद मिला।#माधव#लक्ष्मी आशीर्वाद#अतिथि
लोकभगवान कृष्ण ने कालिय नाग का दमन कैसे किया?कृष्ण ने यमुना में प्रवेश कर कालिय का दमन किया और उसके फनों पर दिव्य नृत्य किया, जिसे कालिय-मर्दन कहा जाता है।#कालिय मर्दन#भगवान कृष्ण#कालिय नाग
लोकगीता का 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः' सत्यलोक पर कैसे लागू होता है?गीता (8.16) सकाम कर्मियों पर पूरी तरह लागू है — वे सत्यलोक से भी लौटते हैं। पर क्रम मुक्ति के अधिकारी नहीं लौटते — वे महाप्रलय में मोक्ष पाते हैं।#गीता 8.16#सत्यलोक#पुनरावर्तन
पौराणिक कथाएँघंटाकर्ण को मोक्ष कैसे मिला — श्रीकृष्ण और शिव की कथाशिव ने कहा मोक्ष केवल विष्णु दे सकते हैं। बदरिकाश्रम में श्रीकृष्ण ने घंटाकर्ण को गले लगाया — स्पर्श मात्र से पिशाच योनि छूटी, अठारह भुजाओं वाला शिवगण बना। आज भी बद्रीनाथ (माणा) में रक्षक देवता के रूप में पूजित।#घंटाकर्ण#मोक्ष#श्रीकृष्ण
महाभारतउत्तरा के गर्भ को कृष्ण ने कैसे बचाया?अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने सूक्ष्म रूप धारण करके गर्भ में प्रवेश किया और अपनी दिव्य शक्ति से ब्रह्मास्त्र के प्रहार को निष्फल किया। परीक्षित मृत जन्मे, पर कृष्ण ने उन्हें पुनर्जीवित किया।#उत्तरा#परीक्षित#कृष्ण
श्री कृष्णसंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र का जप कैसे करेंसंतान सुख के लिए 'संतान गोपाल मंत्र' का सवा लाख जप और हरिवंश पुराण का पाठ करना अत्यंत फलदायी है।#संतान#गोपाल मंत्र#हरिवंश पुराण
मंत्र एवं उपासनाहरे राम हरे कृष्ण महामंत्र की उत्पत्ति कैसे हुईहरे कृष्ण महामंत्र का स्रोत 'कलि-संतरण उपनिषद' है। इसमें ब्रह्माजी ने नारद को बताया कि कलियुग में 16 नामों का यह महामंत्र ही एकमात्र उपाय है। 15वीं सदी में चैतन्य महाप्रभु ने इसे जन-जन तक पहुँचाया।#हरे कृष्ण#महामंत्र#कलि-संतरण उपनिषद
भक्ति साहित्यसूरदास के पद कृष्ण भक्ति में कैसे सहायकसूरदास के पद बाल-लीला के वात्सल्य-भाव, माधुर्य-भक्ति और विरह-भाव से कृष्ण-भक्ति जागृत करते हैं। 'मैया मोरी मैंने माखन नाहीं खायो' जैसे पद सीधे हृदय तक पहुँचते हैं।#सूरदास#पद#कृष्ण भक्ति
मंत्र जप एवं साधनाकृष्ण के 108 नामों का जप कैसे करेंएकादशी या बुधवार को पीले वस्त्र पहनकर तुलसी माला से 'ॐ [नाम] नमः' क्रम में 108 नाम जपें। तुलसी पत्र और माखन-मिश्री अर्पित करें। 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' से जप आरंभ करें।#कृष्ण 108 नाम#जप विधि#कृष्ण पूजा
तीर्थ यात्रामथुरा वृंदावन यात्रा कैसे करेंमथुरा (जन्मभूमि)+वृंदावन (बांके बिहारी/इस्कॉन/प्रेम मंदिर)+गोवर्धन+बरसाना। 2-3 दिन। दिल्ली→180km।#मथुरा#वृंदावन#कृष्ण
हिंदू दर्शनगीता में कृष्ण ने मन को वश में करना कैसे बतायागीता 6.35 — अभ्यास + वैराग्य से मन वश होता है। अभ्यास = बार-बार मन को विषयों से हटाकर ध्येय पर लाना (6.26)। वैराग्य = विषय भोगों से विरक्ति। सहायक: ध्यान, इंद्रिय निग्रह (कछुआ उदाहरण), सात्विक आहार, ईश्वर शरणागति।#मन#वश#गीता