श्रीमद्भागवतपरीक्षित कौन थे?परीक्षित उत्तरा के गर्भ में वह बालक थे जिनकी रक्षा कृष्ण ने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से की, ताकि पांडव वंश बना रहे।#परीक्षित#उत्तरा#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकृष्ण ने अश्वत्थामा को क्या दंड दिलाया?कृष्ण ने अर्जुन से आततायी को दंड देने और पतित ब्राह्मण का वध न करने, दोनों आदेश निभाने को कहा; अंत में अश्वत्थामा की मणि छीनकर उसे निकाल दिया गया।#कृष्ण#अश्वत्थामा दंड#अर्जुन
श्रीमद्भागवतब्राह्मण को मृत्युदंड क्यों नहीं दिया गया?अश्वत्थामा गुरु-पुत्र और ब्राह्मण था; इसलिए शारीरिक वध के स्थान पर मणि छीनना, सिर मूँड़ना और निकाल देना दंड माना गया।#ब्राह्मण दंड#अश्वत्थामा#द्रौपदी
श्रीमद्भागवतअश्वत्थामा की मणि क्यों निकाली गई?अश्वत्थामा की मणि दंड के रूप में निकाली गई, जिससे उसका तेज छिन गया और अर्जुन की प्रतिज्ञा भी पूरी हुई।#अश्वत्थामा मणि#अश्वत्थामा दंड#अर्जुन
श्रीमद्भागवतअश्वत्थामा को क्या सजा मिली?अश्वत्थामा की मणि बालों सहित काट ली गई, उसका तेज छिन गया, बंधन खोलकर उसे शिविर से बाहर निकाल दिया गया।#अश्वत्थामा दंड#अश्वत्थामा मणि#कृष्ण
श्रीमद्भागवतअश्वत्थामा को कैसे पकड़ा गया?अर्जुन ने कृष्ण को सारथि बनाकर अश्वत्थामा का पीछा किया, ब्रह्मास्त्र का संकट शांत किया और फिर उसे पशु की तरह बाँध लिया।#अश्वत्थामा#अर्जुन#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकृष्ण ने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र के बारे में क्या कहा?कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि यह अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र है; वह इसे लौटाना नहीं जानता और इसका निवारण ब्रह्मास्त्र से ही होगा।#कृष्ण#अश्वत्थामा#ब्रह्मास्त्र
श्रीमद्भागवतअर्जुन और अश्वत्थामा की ब्रह्मास्त्र कथा क्या है?अश्वत्थामा ने भय में ब्रह्मास्त्र चलाया; कृष्ण के कहने पर अर्जुन ने ब्रह्मास्त्र से उसका निवारण किया और फिर अश्वत्थामा को बाँध लिया।#अर्जुन#अश्वत्थामा#ब्रह्मास्त्र
श्रीमद्भागवतअश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र वापस क्यों नहीं ले पाया?श्रीमद्भागवत के अनुसार अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र तो चला दिया, लेकिन उसे लौटाने की विधि वह नहीं जानता था।#अश्वत्थामा#ब्रह्मास्त्र#कृष्ण
श्रीमद्भागवतअश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र क्या था?अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र ऐसा प्रचंड अस्त्र बताया गया है जिसका तेज सब दिशाओं में फैल गया और जिसे वह लौटाना नहीं जानता था।#अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र#ब्रह्मास्त्र#कृष्ण
श्रीमद्भागवतभागवत सुनने से क्या लाभ होता है?श्रीमद्भागवत सुनने से श्रीकृष्ण के प्रति प्रेममयी भक्ति उत्पन्न होती है और शोक, मोह तथा भय दूर होते हैं।#भागवत श्रवण#भक्ति#शोक मोह भय
श्रीमद्भागवतभक्ति योग वाला ज्ञान क्या है?भगवान की प्रसन्नता के लिए किए गए कर्मों से जो ज्ञान मिलता है, वह भक्ति योग से संयुक्त ज्ञान बताया गया है।#भक्ति योग#ज्ञान#भगवान की प्रसन्नता
श्रीमद्भागवतकृष्ण कथा सुनते-सुनते भक्ति कैसे बढ़ती है?नारदजी ने श्रद्धा से कृष्ण कथा सुनी; पद-पद सुनते हुए भगवान में रुचि हुई और भक्ति प्रकट होकर रज-तम को हटाने लगी।#कृष्ण कथा#भक्ति वृद्धि#श्रवण
श्रीमद्भागवतकृष्ण कथा सुनने से पाप कैसे मिटते हैं?भगवान के नाम-यश से युक्त वाणी पाप मिटाती है; नारदजी ने संतों की सेवा और कृष्ण कथा सुनकर अपना हृदय शुद्ध किया।#कृष्ण कथा#पाप नाश#सत्संग
मनुचौदह मनुओं के रंग कौन-कौन से बताए गए हैं?मनुओं के रंग श्वेत, पाण्डु, रक्त, ताम्र, पीत, कापिल, कृष्ण, श्याम, धूम्र, सुधूम्र, अपिशंग, पिशंग, त्रिवर्ण शबल और कालन्धुर बताए गए हैं।#मनुओं के रंग#श्वेत#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकलियुग में भागवत को सूर्य क्यों कहा गया है?कृष्ण के धाम जाने पर जब कलियुग में लोग अज्ञान-अंधकार से अंधे हो रहे थे, तब भागवत पुराण सूर्य के समान प्रकट हुआ।#कलियुग#भागवत सूर्य#अज्ञान
श्रीमद्भागवतकृष्ण से अनन्य प्रेम करने का फल क्या है?जो भगवान वासुदेव से सर्वात्मभाव और अनन्य प्रेम करते हैं, वे जन्म-मरण रूप संसार के भयंकर चक्र में फिर नहीं पड़ते।#कृष्ण प्रेम#अनन्य प्रेम#जन्म मृत्यु
श्रीमद्भागवतकृष्ण को स्वयं भगवान क्यों कहा गया है?कहा गया है कि अन्य अवतार अंश या कला हैं, पर भगवान श्रीकृष्ण स्वयं भगवान हैं।#कृष्ण#स्वयं भगवान#अंशावतार
श्रीमद्भागवतबलराम और कृष्ण अवतार का उद्देश्य क्या था?बलराम और कृष्ण यदुवंश में प्रकट हुए और उन्होंने पृथ्वी का भार उतारा।#बलराम#कृष्ण#यदुवंश
श्रीमद्भागवतभागवत पुराण में भगवान के कितने अवतार बताए गए हैं?कई प्रमुख अवतार गिनाए गए हैं, पर अंत में कहा गया है कि भगवान हरि के अवतार असंख्य हैं।#भगवान अवतार#भागवत पुराण#असंख्य अवतार
श्रीमद्भागवतभगवान विष्णु के अवतारों की सूची क्या है?पुरुष, कुमार, वराह, नारद, नर-नारायण, कपिल, दत्तात्रेय, यज्ञ, ऋषभ, पृथु, मत्स्य, कूर्म, धन्वंतरि, मोहिनी, नरसिंह, वामन, परशुराम, व्यास, राम, बलराम-कृष्ण, बुद्ध और कल्कि का वर्णन है।#विष्णु अवतार#अवतार सूची#भागवत पुराण
श्रीमद्भागवतयोग तपस्या और धर्म किसके लिए हैं?योग, तपस्या और धर्म का लक्ष्य श्रीकृष्ण ही बताए गए हैं; सभी कर्मों और गतियों की समाप्ति भी उन्हीं में है।#योग#तपस्या#धर्म
श्रीमद्भागवतवेदों का अंतिम लक्ष्य क्या है?वेद, यज्ञ, योग, कर्म, ज्ञान, तप, धर्म और सभी गतियों का अंतिम लक्ष्य वासुदेव श्रीकृष्ण बताया गया है।#वेद#वासुदेव#कृष्ण
श्रीमद्भागवतभगवान की भक्ति से मन को शांति कैसे मिलती है?निरंतर और निष्काम भक्ति से हृदय परमात्मा को पाता है, अशुभ वासनाएँ मिटती हैं और आत्मप्रसाद मिलता है।#मन की शांति#भक्ति#कृष्ण
श्रीमद्भागवतसच्ची भक्ति क्या है?सच्ची भक्ति वह है जो भगवान कृष्ण में हो, बिना किसी कामना के हो और निरंतर बनी रहे।#भक्ति#सच्ची भक्ति#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकृष्ण के धाम जाने के बाद धर्म का सहारा क्या है?ऋषि यही प्रश्न पूछते हैं कि धर्मरक्षक कृष्ण के धाम जाने पर धर्म ने अब किसकी शरण ली है।#धर्म#कृष्ण#धाम
श्रीमद्भागवतकृष्ण और बलराम की लीलाएँ अद्भुत क्यों कही गईं?क्योंकि कृष्ण ने बलराम के साथ ऐसे कर्म और पराक्रम प्रकट किए जिन्हें मनुष्य नहीं कर सकते।#कृष्ण#बलराम#लीला
श्रीमद्भागवतकृष्ण मनुष्य जैसे दिखकर भी भगवान कैसे थे?कृष्ण लोगों के सामने मनुष्य जैसे आचरण करते थे, पर बलराम के साथ उन्होंने ऐसी लीलाएँ और पराक्रम किए जो मनुष्य नहीं कर सकते।#कृष्ण#भगवान#मानव लीला
श्रीमद्भागवतकृष्ण कथा सुनने की इच्छा क्यों बढ़ती है?क्योंकि भगवान का यश कलियुग के पापों को हरता है और रसिक श्रोताओं को उनकी लीला में पद-पद पर नया रस मिलता है।#कृष्ण कथा#हरि कथा#भगवत लीला
श्रीमद्भागवतकृष्ण नाम लेने का महत्व क्या है?जन्म-मृत्यु के घोर चक्र में पड़ा जीव भी यदि भगवान के मंगलमय नाम का उच्चारण कर ले, तो तुरंत मुक्त हो सकता है।#कृष्ण नाम#भगवान नाम#मुक्ति
श्रीमद्भागवतभगवान का अवतार क्यों होता है?भगवान का अवतार जीवों के परम कल्याण और भगवत प्रेममयी समृद्धि के लिये बताया गया है।#भगवान अवतार#हरि कथा#कृष्ण
श्रीमद्भागवतभगवान कृष्ण देवकी और वसुदेव के यहाँ क्यों आए?ऋषि सूतजी से कृष्ण के देवकी-वसुदेव से जन्म का प्रयोजन पूछते हैं और कहते हैं कि भगवान का अवतार जीवों के कल्याण के लिये होता है।#कृष्ण अवतार#देवकी#वसुदेव
श्रीमद्भागवतभागवत पुस्तक की पूजा कैसे करें?भागवत पुस्तक की धूप-दीप से विधिपूर्वक पूजा कर आगे नारियल रखकर प्रणाम और स्तुति की जाती है; समाप्ति पर भी पुस्तक पूजा है।#भागवत पुस्तक#पूजा#नारियल
श्रीमद्भागवतभागवत कथा में भगवान कृष्ण की पूजा कैसे करें?मंडल में श्रीहरि की स्थापना कर श्रीकृष्ण को लक्ष्य बनाकर मंत्रोच्चार सहित षोडशोपचार पूजा, दक्षिणा और नमस्कार करना बताया गया है।#कृष्ण पूजा#षोडशोपचार#भागवत कथा
श्रीमद्भागवतभागवत श्रवण से गोलोक कैसे मिलता है?श्रावण मास में पुनः भागवत सप्ताह के बाद भगवान कृष्ण प्रकट हुए और गोकर्ण सहित श्रोताओं को गोलोक-हरिलोक ले गए।#गोलोक#भागवत श्रवण#गोकर्ण
कृष्ण कथायादवों के विनाश में किस घास का वर्णन है?यादवों के विनाश में एरका घास और मूसल की उत्पत्ति का वर्णन आता है।#यादव#एरका घास#मूसल
श्रीमद्भागवतआत्मदेव को कृष्ण की प्राप्ति कैसे हुई?आत्मदेव ने गोकर्ण के उपदेश से घर छोड़ा, वन में हरि सेवा की और नियमपूर्वक दशम स्कंध का पाठ करके श्रीकृष्ण को प्राप्त किया।#आत्मदेव#कृष्ण प्राप्ति#दशम स्कंध
श्रीमद्भागवतकृष्ण के बाद भक्तों का सहारा क्या है?उद्धव की चिंता के उत्तर में भगवान भक्तों के अवलंबन के लिये अपना तेज श्रीमद्भागवत में स्थापित करते हैं।#कृष्ण#उद्धव#भक्त
श्रीमद्भागवतकृष्ण भागवत में कैसे स्थित हैं?कहा गया है कि भगवान ने अपना तेज भागवत में रखा और अंतर्धान होकर भागवत-सागर में प्रवेश किया।#कृष्ण#भागवत#वाङ्मयी मूर्ति
श्रीमद्भागवतभागवत दान करने का फल क्या है?सोने के सिंहासन पर रखकर भागवत को वैष्णव को दान करने से कृष्ण के साथ सायुज्य प्राप्ति कही गई है।#भागवत दान#वैष्णव#सायुज्य
श्रीमद्भागवतदुख कैसे दूर करें?दुख दूर करने के लिये कृष्ण-स्मरण, भक्ति, श्रीमद्भागवत और सत्संग का मार्ग बताया गया है।#दुख#भक्ति#कृष्ण
श्रीमद्भागवतयमराज का भय कैसे मिटे?कहा गया है कि जिनके हृदय में प्रेमरूप भक्ति रहती है, वे स्वप्न में भी यमराज को नहीं देखते।#यमराज#भक्ति#भय
श्रीमद्भागवतभगवान भक्ति से कैसे प्रसन्न होते हैं?नारदजी कहते हैं कि तप, वेद, ज्ञान और कर्म से नहीं, भगवान भक्ति से वश में होते हैं।#भगवान#भक्ति#कृष्ण
श्रीमद्भागवतभक्ति क्यों जरूरी है?कलियुग में भक्ति को मोक्षदायिनी, कृष्ण को वश में करने वाली और भय दूर करने वाली कहा गया है।#भक्ति#मोक्ष#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकृष्ण को कैसे पाएं?स्रोत के अनुसार भगवान कृष्ण भक्ति से प्राप्त होते हैं; कलियुग में भक्ति ही सार है।#कृष्ण#भक्ति#भगवान
श्रीमद्भागवतकलियुग में हरि कीर्तन का क्या महत्व है?नारदजी कहते हैं कि कलियुग में केशव-कीर्तन से वह फल मिलता है जो तप, योग और समाधि से भी दुर्लभ है।#हरि कीर्तन#कलियुग#केशव
श्रीमद्भागवतकलियुग में भगवान कृष्ण को कैसे प्रसन्न करें?श्रीमद्भागवत को भगवान कृष्ण की प्रसन्नता और भक्ति-वृद्धि का साधन कहा गया है।#भगवान कृष्ण#कलियुग#भागवत कथा
लोकभृगु ऋषि के श्राप का कृष्ण अवतार से क्या संबंध है?कृष्ण अवतार में भृगु श्राप मानव जन्म और संघर्षों से जुड़ा माना जाता है।#कृष्ण अवतार#भृगु श्राप#विष्णु
लोकशिशुपाल को मुक्ति कैसे मिली?शिशुपाल को कृष्ण के हाथों वध होकर श्राप से मुक्ति मिली।#शिशुपाल#मुक्ति#कृष्ण
लोककृष्ण ने दन्तवक्र को क्यों मारा?दन्तवक्र प्रतिशोध में कृष्ण से युद्ध करने आया था, इसलिए कृष्ण ने उसका वध किया।#कृष्ण#दन्तवक्र#गदा युद्ध