जीवन एवं मृत्युप्रेत को मुक्ति देने के लिए कौन-कौन से कर्म आवश्यक हैं?
प्रेत-मुक्ति के लिए आवश्यक कर्म — दाह-संस्कार, दशगात्र, एकादशाह श्राद्ध, षोडश श्राद्ध, सपिंडन, गोदान-शय्यादान-प्रेत घट दान, वृषोत्सर्ग और गया श्राद्ध। इन सबके संयोग से प्रेत 'परम गति' को प्राप्त होता है।
#प्रेत मुक्ति#कर्म#संस्कार