श्रीमद्भागवतभागवत सुनने से मोह कैसे मिटता है?कथामृत पीने से सबका मोह नष्ट हुआ; शुकदेवजी ने भक्ति को पुत्रों सहित अपने शास्त्र में स्थापित किया।#मोह#भागवत श्रवण#भक्ति
श्रीमद्भागवतकथा और कीर्तन से भगवान कैसे प्रसन्न होते हैं?कथा-कीर्तन देखकर भगवान प्रसन्न हुए और कहा कि तुम्हारी भक्ति ने मुझे वश में कर लिया, वर माँगो।#कथा#कीर्तन#भगवान प्रसन्न
श्रीमद्भागवतभागवत कथा में भगवान कैसे प्रकट होते हैं?शुकदेवजी के वचन के बीच सभा में प्रह्लाद, बलि, उद्धव और अर्जुन आदि पार्षदों सहित श्रीहरि प्रकट हुए।#भगवान प्रकट#भागवत कथा#कीर्तन
श्रीमद्भागवतभागवत सुनने पढ़ने और मनन से मुक्ति कैसे मिलती है?शुकदेवजी कहते हैं कि जो भक्ति से भागवत के श्रवण, पठन और मनन में तत्पर रहता है, वह मुक्त हो जाता है।#श्रवण#पठन#मनन
श्रीमद्भागवतभागवत सुनने से तीन ताप कैसे मिटते हैं?भागवत में निष्कपट परम धर्म और कल्याणकारी वास्तविक वस्तु का वर्णन है, जिससे तीन ताप शांत होते हैं।#तीन ताप#भागवत#शांति
श्रीमद्भागवतभागवत सुनने से ज्ञान वैराग्य भक्ति कैसे बढ़ते हैं?विधिपूर्वक सप्ताह श्रवण के अंत में ज्ञान, वैराग्य और भक्ति को बड़ी पुष्टि मिली और वे तरुण होकर सबको आकर्षित करने लगे।#ज्ञान#वैराग्य#भक्ति
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह के बाद हवन कैसे करें?गृहस्थ श्रोता कर्म-शांति के लिये हवन करे; दशम स्कंध के श्लोक पढ़कर खीर, मधु, घी, तिल और अन्न से आहुति दी जाती है।#हवन#भागवत सप्ताह#दशम स्कंध
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह का उद्यापन कैसे करें?उद्यापन में पुस्तक-वक्ता पूजा, प्रसाद-तुलसी, कीर्तन, जय-शंखध्वनि, दान, गीता पाठ या हवन, ब्राह्मण भोजन और पुस्तक दान बताए गए हैं।#उद्यापन#भागवत सप्ताह#दान
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में मन कैसे रखें?मन को शुद्ध, चिंता-रहित, कथा में लगाकर रखना चाहिए और काम, क्रोध, लोभ, दंभ, मोह, द्वेष आदि से दूर रखना चाहिए।#मन#भागवत सप्ताह#एकाग्रता
श्रीमद्भागवतभागवत पुस्तक की पूजा कैसे करें?भागवत पुस्तक की धूप-दीप से विधिपूर्वक पूजा कर आगे नारियल रखकर प्रणाम और स्तुति की जाती है; समाप्ति पर भी पुस्तक पूजा है।#भागवत पुस्तक#पूजा#नारियल
श्रीमद्भागवतभागवत कथा में भगवान कृष्ण की पूजा कैसे करें?मंडल में श्रीहरि की स्थापना कर श्रीकृष्ण को लक्ष्य बनाकर मंत्रोच्चार सहित षोडशोपचार पूजा, दक्षिणा और नमस्कार करना बताया गया है।#कृष्ण पूजा#षोडशोपचार#भागवत कथा
श्रीमद्भागवतभागवत कथा में कैसे वक्ता से बचना चाहिए?जो अनेक धर्मों के भ्रम में पड़े हों, स्त्री-लोलुप हों या पाखंड का प्रचार करें, ऐसे पंडित भी भागवत वाचन के लिये अयोग्य बताए गए हैं।#वक्ता चयन#पाखंड#भागवत कथा
श्रीमद्भागवतभागवत कथा के वक्ता कैसे होने चाहिए?वक्ता वेद-शास्त्र की व्याख्या में समर्थ, दृष्टांत देने में कुशल, विवेकी, निःस्पृह और वैष्णव ब्राह्मण होना चाहिए।#वक्ता#भागवत कथा#वैष्णव
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह का निमंत्रण कैसे दें?निमंत्रण विनयपूर्वक भेजना चाहिए: सात दिन सत्संग और रसमयी कथा होगी, अवकाश न हो तो एक दिन अवश्य आएँ।#निमंत्रण#भागवत सप्ताह#आमंत्रण
श्रीमद्भागवतभागवत कथा का मंडप कैसे बनाएं?मंडप ऊँचा, केले के खंभों से सुसज्जित, फल-पुष्प-पत्तों और चंदोवे से अलंकृत तथा ध्वजाओं से सजाया हुआ बताया गया है।#मंडप#भागवत कथा#कथा तैयारी
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह के लिए मुहूर्त कैसे देखें?मुहूर्त के लिये ज्योतिषी से पूछना, शुभ महीनों को चुनना और भद्रा-व्यतीपात जैसे कुयोग छोड़ना बताया गया है।#मुहूर्त#भागवत सप्ताह#ज्योतिष
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह की पूरी विधि क्या है?पूरी विधि में मुहूर्त, धन-व्यवस्था, निमंत्रण, स्थान, मंडप, वक्ता, पूजा, नियम, श्रवण, कीर्तन और उद्यापन शामिल हैं।#भागवत सप्ताह#विधि#पूजा
श्रीमद्भागवतकथा सुनने से पाप कैसे जलते हैं?भागवत सप्ताह को अग्नि के समान कहा गया है, जो मन-वचन-कर्म से हुए नए-पुराने सभी पापों को जला देता है।#कथा श्रवण#पाप#अग्नि
श्रीमद्भागवतभागवत कथा से सबकी मुक्ति कैसे हुई?दूसरी सप्ताह कथा के बाद भगवान प्रकट हुए और गोकर्ण की कृपा से गाँव के सभी जीव विमानों पर चढ़ाकर हरिलोक भेजे गए।#सर्वमुक्ति#भागवत कथा#गोकर्ण
श्रीमद्भागवतभागवत कथा सुनने से भगवान कैसे प्रसन्न होते हैं?कथा श्रवण से भगवान कृष्ण प्रसन्न होकर प्रकट हुए, शंख बजाया, गोकर्ण को गले लगाया और श्रोताओं को दिव्य गति दी।#भगवान कृष्ण#भागवत कथा#श्रवण
श्रीमद्भागवतभागवत श्रवण से गोलोक कैसे मिलता है?श्रावण मास में पुनः भागवत सप्ताह के बाद भगवान कृष्ण प्रकट हुए और गोकर्ण सहित श्रोताओं को गोलोक-हरिलोक ले गए।#गोलोक#भागवत श्रवण#गोकर्ण
श्रीमद्भागवतभागवत कथा से वैकुंठ कैसे मिलता है?धुंधुकारी के लिये वैकुंठवासी पार्षद विमान लेकर आए; उन्होंने कहा कि सही श्रवण-मनन से सबको वैकुंठ फल मिल सकता है।#वैकुंठ#भागवत कथा#श्रवण फल
श्रीमद्भागवतजीवन का स्थायी फल कैसे मिले?नश्वर शरीर से स्थायी फल पाने का मार्ग भागवत कथा श्रवण, पाप-क्षय, संशय-नाश और मुक्ति से जोड़ा गया है।#जीवन#स्थायी फल#भागवत कथा
श्रीमद्भागवतभागवत कथा से कर्म कैसे नष्ट होते हैं?सप्ताह श्रवण को पाप जलाने वाली अग्नि और कर्म क्षीण करने वाला साधन कहा गया है।#कर्म#पाप नाश#भागवत कथा
श्रीमद्भागवतभागवत कथा से संशय कैसे मिटते हैं?सप्ताह श्रवण से हृदय की गांठ खुलती है, समस्त संशय छिन्न होते हैं और कर्म क्षीण होते हैं।#संशय#भागवत कथा#हृदय
श्रीमद्भागवतभागवत कथा से हृदय की गांठ कैसे खुलती है?कहा गया है कि सप्ताह श्रवण से हृदय की गांठ खुलती है, संशय कटते हैं और कर्म क्षीण होते हैं।#हृदय ग्रंथि#भागवत कथा#श्रवण
श्रीमद्भागवतकथा सुनने का पूरा फल कैसे मिलता है?पूरा फल गुरु वचन में विश्वास, दीनता, मन-दोषों पर विजय, कथा में एकाग्रता और श्रवण के बाद मनन से मिलता है।#कथा फल#श्रवण#मनन
श्रीमद्भागवतभागवत सुनने से मुक्ति कैसे मिलती है?भागवत श्रवण से मुक्ति तब फलित होती है जब श्रद्धा, मनन, एकाग्रता और गुरु वचन में विश्वास जुड़ता है।#भागवत श्रवण#मुक्ति#मनन
श्रीमद्भागवतगलत संगति से जीवन कैसे नष्ट होता है?गलत संगति ने धुंधुकारी को चोरी, वासना, हिंसा और अंत में हत्या तथा प्रेत योनि तक पहुँचा दिया।#गलत संगति#जीवन#धुंधुकारी
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह प्रेत बाधा में कैसे मदद करता है?धुंधुकारी की प्रेत बाधा गया श्राद्ध से नहीं गई, पर भागवत सप्ताह सुनने से वह प्रेत योनि छोड़ सका।#प्रेत बाधा#भागवत सप्ताह#मुक्ति
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह से पाप कैसे मिटते हैं?कथा में भागवत सप्ताह को आग की तरह बताया गया है, जो मन, वचन और कर्म से हुए छोटे-बड़े पापों को जला देता है।#भागवत सप्ताह#पाप नाश#श्रवण
श्रीमद्भागवतभागवत कथा से प्रेत मुक्ति कैसे होती है?सूर्यदेव ने भागवत सप्ताह को मुक्ति का उपाय बताया; सात दिन कथा सुनकर धुंधुकारी प्रेत योनि से मुक्त हुआ।#भागवत कथा#प्रेत मुक्ति#सप्ताह
श्रीमद्भागवतप्रेत आत्मा को शांति कैसे मिले?कथा में प्रेत आत्मा को अंतिम शांति श्रीमद्भागवत सप्ताह के श्रवण और मनन से मिली।#प्रेत आत्मा#शांति#श्राद्ध
श्रीमद्भागवतप्रेत योनि से मुक्ति कैसे मिलती है?इस कथा में प्रेत योनि से मुक्ति का उपाय श्रीमद्भागवत का सात दिन का पारायण बताया गया है।#प्रेत योनि#मुक्ति#भागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवतआत्मदेव को कृष्ण की प्राप्ति कैसे हुई?आत्मदेव ने गोकर्ण के उपदेश से घर छोड़ा, वन में हरि सेवा की और नियमपूर्वक दशम स्कंध का पाठ करके श्रीकृष्ण को प्राप्त किया।#आत्मदेव#कृष्ण प्राप्ति#दशम स्कंध
श्रीमद्भागवतआत्मदेव का धन कैसे नष्ट हुआ?पहले आत्मदेव ने संतान के लिये आधा धन धर्मकर्म और दान में लगाया; बाद में धुंधुकारी ने कुसंग से पिता की संपत्ति नष्ट कर दी।#आत्मदेव#धन#धुंधुकारी
श्रीमद्भागवतगोकर्ण कैसे जन्मे?धुंधुली द्वारा संन्यासी का फल गाय को खिलाने के तीन महीने बाद गाय से मनुष्याकार दिव्य बालक उत्पन्न हुआ; वही गोकर्ण थे।#गोकर्ण#जन्म#गाय
श्रीमद्भागवतधुंधुकारी नाम कैसे पड़ा?धुंधुली ने बहन से मिले बालक को अपना पुत्र बताकर उसका नाम धुंधुकारी रखा।#धुंधुकारी#नामकरण#धुंधुली
श्रीमद्भागवतधुंधुकारी कैसे जन्मा?धुंधुकारी धुंधुली का वास्तविक पुत्र नहीं था; धुंधुली की बहन ने अपना जन्मा बालक गुप्त रूप से उसे दे दिया।#धुंधुकारी#धुंधुली#जन्म
श्रीमद्भागवतभागवत कथा से भक्ति कैसे जागती है?कहा गया है कि भागवत कथा के शब्द और कथा-रस से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य पुष्ट होकर तरुण हो जाते हैं।#भक्ति#भागवत कथा#ज्ञान वैराग्य
श्रीमद्भागवतकृष्ण भागवत में कैसे स्थित हैं?कहा गया है कि भगवान ने अपना तेज भागवत में रखा और अंतर्धान होकर भागवत-सागर में प्रवेश किया।#कृष्ण#भागवत#वाङ्मयी मूर्ति
श्रीमद्भागवतभागवत कथा की विधि क्या है?भागवत कथा के लिये पवित्र स्थान, श्रद्धापूर्वक श्रवण, सत्य, ब्रह्मचर्य और कलियुग में सात दिन की विधि बताई गई है।#भागवत कथा विधि#श्रवण#सत्य
श्रीमद्भागवतसत्संग से विवेक कैसे जागता है?कहा गया है कि सत्संग अज्ञानजनित मोह और मद का अंधकार मिटाकर विवेक जगाता है।#सत्संग#विवेक#अज्ञान
श्रीमद्भागवतदुख कैसे दूर करें?दुख दूर करने के लिये कृष्ण-स्मरण, भक्ति, श्रीमद्भागवत और सत्संग का मार्ग बताया गया है।#दुख#भक्ति#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकलियुग के दोष कैसे मिटते हैं?स्रोत के अनुसार श्रीमद्भागवत की ध्वनि से कलियुग के दोष वैसे मिटते हैं जैसे सिंह-गर्जना से भेड़िये भागते हैं।#कलियुग#दोष#भागवत
श्रीमद्भागवतभागवत से ज्ञान वैराग्य कैसे बढ़ता है?भागवत के शब्द सुनने से ज्ञान-वैराग्य को बल मिलता है और उसका कष्ट मिटता है।#भागवत#ज्ञान#वैराग्य
श्रीमद्भागवतवैराग्य कैसे लाएं?वैराग्य को बल देने वाला उपाय श्रीमद्भागवत का पारायण और भक्ति की स्थापना बताया गया है।#वैराग्य#ज्ञान#भक्ति
श्रीमद्भागवतज्ञान वैराग्य कैसे जगाएं?ज्ञान-वैराग्य को जगाने का सफल उपाय श्रीमद्भागवत पारायण बताया गया है।#ज्ञान#वैराग्य#भागवत पारायण
श्रीमद्भागवतभूत प्रेत बाधा कैसे दूर हो?कहा गया है कि जिनके हृदय में भक्ति रहती है, उन्हें प्रेत-पिशाच आदि छू भी नहीं सकते।#भूत प्रेत#भक्ति#बाधा
श्रीमद्भागवतयमराज का भय कैसे मिटे?कहा गया है कि जिनके हृदय में प्रेमरूप भक्ति रहती है, वे स्वप्न में भी यमराज को नहीं देखते।#यमराज#भक्ति#भय