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पूजा विधि प्रश्नोत्तर (पेज 5) — 211 प्रश्न

पूजा विधि से जुड़े 211 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 211 प्रश्न

सुंदरकांड पाठ मंगलवार को क्यों करते हैं?

मंगलवार हनुमान जी को समर्पित दिन है और सुंदरकांड उनकी विजय का काण्ड है। इसीलिए दोनों का संयोग विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। शनिवार को भी यह पाठ करने से ग्रह दोष निवारण होता है।

सुंदरकांडमंगलवारहनुमान जी
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रविवार को सूर्य देव की पूजा कैसे करें?

सूर्योदय पर तांबे लोटे से अर्घ्य (जल+रोली+लाल फूल), 'ॐ सूर्याय नमः' 11 बार, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य नमस्कार। गुड़+गेहूँ दान। खड़े होकर अर्घ्य। लाभ: स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, सरकारी सफलता।

रविवारसूर्य पूजाअर्घ्य
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पूजा घर में नंदा दीप कैसे जलाएं?

नंदा दीप (अखंड ज्योति) पीतल/तांबे के दीपक में शुद्ध गाय के घी से एक मुखी कपास बत्ती जलाएँ। अग्नि कोण में रखें। बुझने न दें, फूंककर न बुझाएँ। शुभ तिथि पर जलाएँ और नियमित घी डालते रहें।

नंदा दीपअखंड दीपज्योति
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सुबह और शाम की आरती में अंतर?

प्रातः=जागरण/ऊर्जा/शुभारंभ(सूर्योदय)। संध्या=अंधकार दूर/रक्षा/शांति(सूर्यास्त)। दोनों अनिवार्य। एक=संध्या अधिक महत्वपूर्ण।

सुबह आरतीशाम आरतीअंतर
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नवग्रह हवन कैसे करें?

गणेश→गायत्री 21→9 ग्रह मंत्र प्रत्येक 108+'स्वाहा'→पूर्णाहुति→शांति। 9 बीज मंत्र(ह्रां/श्रां/क्रां...)। पंडित से करवाना उत्तम — जटिल हवन।

नवग्रहहवनग्रह शांति
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पंचदेव पूजा क्या है और कैसे करें?

पंचदेव = शिव+विष्णु+गणेश+सूर्य+देवी। शंकराचार्य (स्मार्त परंपरा) ने सम्प्रदाय एकता के लिए स्थापित। सभी को जल-पुष्प-धूप-दीप-नैवेद्य + मंत्र जप। = सम्पूर्ण हिंदू पूजा एक साथ।

पंचदेवपूजाशिव विष्णु गणेश सूर्य दुर्गा
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आरती में कपूर जलाने का आध्यात्मिक अर्थ?

कपूर जलता=अवशेष नहीं=अहंकार नाश। सुगंध फैलाकर=अच्छे कर्म। प्रकाश=ज्ञान। वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल। शुद्ध भीमसेनी कपूर उत्तम।

कपूरआरतीआध्यात्मिक
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सुंदरकांड के बाद क्या करना चाहिए?

सुंदरकांड के बाद श्रीराम और हनुमान जी की आरती करें, भोग अर्पण करें और उपस्थित सभी को प्रसाद वितरित करें। पुस्तक को लाल कपड़े में लपेट कर पवित्र स्थान पर रखें। अनुष्ठान पूर्ण होने पर हवन का भी विधान है।

सुंदरकांडपाठ के बादआरती
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आरती करने का सही तरीका — कितनी बार घुमाएं?

3 बार(सामान्य)। गणेश=4, विष्णु=12, शिव=14, देवी=16। Clockwise, दाहिना हाथ। चरण→नाभि→मुख→पूर्ण। दिन 2 बार(प्रातः+संध्या)। ज्योति से हाथ→सिर।

आरतीविधिकितनी बार
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सूर्य देव की पूजा विधि?

प्रातः तांबा लोटा जल+फूल+अक्षत→सूर्य ओर धारा→'ॐ सूर्याय' 7 बार। 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय' 108। आदित्य हृदय स्तोत्र। रविवार/छठ/संक्रांति। सरल: 1 लोटा जल=पर्याप्त।

सूर्यपूजाअर्घ्य
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पूजा विधि — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर पूजा विधि श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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पूजा विधि को गहराई से समझने का तरीका

पूजा विधि के पेज 5 प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

211 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।