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लोक प्रश्नोत्तर (पेज 66) — 3617 प्रश्न

लोक से जुड़े 3617 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 3617 प्रश्न

ब्रह्माण्ड पुराण में तलातल का क्या वर्णन है?

ब्रह्माण्ड पुराण में तलातल को पीली भूमि वाला गभस्तिमत् लोक बताया गया है, जहाँ कालनेमि, सुमाली आदि के नगर हैं।

ब्रह्माण्ड पुराणतलातलगभस्तिमत्
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श्रीमद्भागवत पुराण में तलातल लोक का क्या वर्णन है?

भागवत पुराण में तलातल को सुतल के नीचे मय दानव का लोक बताया गया है, जो महादेव द्वारा संरक्षित है।

श्रीमद्भागवत पुराणतलातलमय दानव
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तलातल लोक का वर्णन किन पुराणों में मिलता है?

तलातल का वर्णन भागवत, विष्णु, ब्रह्माण्ड, वायु, शिव, मत्स्य, मार्कण्डेय और देवी भागवत पुराण में मिलता है।

तलातल पुराणभागवत पुराणविष्णु पुराण
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तलातल लोक स्वर्ग से भी सुंदर क्यों माना गया है?

तलातल मय दानव की मायावी वास्तुकला, रत्नमय महलों, उद्यानों और सरोवरों के कारण स्वर्ग से भी सुंदर माना गया है।

तलातल स्वर्ग से सुंदरनारदइन्द्र स्वर्ग
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तलातल लोक नरक जैसा स्थान क्यों नहीं है?

तलातल में यातना नहीं, बल्कि रत्नजड़ित महल, दिव्य प्रकाश, भोग-सुख और रोग-बुढ़ापे से रहित जीवन बताया गया है।

तलातलनरक नहींस्वर्ग से सुंदर
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नैमित्तिक प्रलय में जनलोक सुरक्षित कैसे रहता है?

जनलोक संवर्तक अग्नि और प्रलयकालीन जल से अछूता रहता है और महर्लोक के ऋषियों का सुरक्षित आश्रय बनता है।

नैमित्तिक प्रलयजनलोकसुरक्षित
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चार कुमार हमेशा बालक रूप में क्यों रहते हैं?

चार कुमार यौवन के विकारों से बचने और नैष्ठिक ब्रह्मचर्य बनाए रखने के लिए सदैव बालक रूप में रहते हैं।

चार कुमारबालक रूपब्रह्मचर्य
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लोक — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर लोक श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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लोक को गहराई से समझने का तरीका

लोक के पेज 66 प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

3617 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।