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लोक प्रश्नोत्तर (पेज 67) — 3617 प्रश्न

लोक से जुड़े 3617 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 3617 प्रश्न

जनलोक के निवासियों को कौन-कौन सी सिद्धियाँ मिलती हैं?

जनलोक के निवासियों को प्रभाव, विजय, ऐश्वर्य, स्थिति, वैराग्य और दर्शन जैसी सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं।

जनलोकसिद्धियाँवैराग्य
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जनलोक के निवासियों का आध्यात्मिक बल कैसा होता है?

जनलोक के निवासियों का आध्यात्मिक बल ब्रह्मा के समान बताया गया है, पर उनके पास ब्रह्मा जैसा सृष्टि-अधिकार नहीं होता।

जनलोकआध्यात्मिक बलब्रह्मा
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ध्रुवलोक को ब्रह्मांड का स्थिर बिंदु क्यों कहा गया है?

ध्रुवलोक को स्थिर और अटल बिंदु इसलिए कहा गया है क्योंकि यह ब्रह्मांडीय व्यवस्था का ध्रुव केंद्र माना गया है।

ध्रुवलोकस्थिर बिंदुपोल स्टार
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विराट पुरुष के कौन से अंगों में ऊर्ध्व लोक बताए गए हैं?

भुवर्लोक नाभि, स्वर्लोक हृदय, महर्लोक वक्षस्थल, जनलोक-तपोलोक ग्रीवा क्षेत्र और सत्यलोक मस्तक में बताया गया है।

विराट पुरुषऊर्ध्व लोकभुवर्लोक
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जनलोक में ब्रह्मा जी के मानस पुत्र क्यों रहते हैं?

जनलोक ज्ञान, वैराग्य और ब्रह्मचर्य का लोक है, इसलिए ब्रह्मा जी के मानस पुत्र वहाँ निवास करते हैं।

ब्रह्मा मानस पुत्रजनलोकचार कुमार
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लोक — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर लोक श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

लोक को गहराई से समझने का तरीका

लोक के पेज 67 प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

3617 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।