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जीवन एवं मृत्यु प्रश्नोत्तर (पेज 2) — 427 प्रश्न

जीवन एवं मृत्यु से जुड़े 427 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 427 प्रश्न

अंध तामिस्र नरक में अंधकार का क्या वर्णन है?

अंधतामिस्र में अंधकार — तामिस्र से भी गहरा 'परम अंधकार'। न प्रकाश, न आवाज, न स्पर्श — केवल भयावह एकाकीपन। 'चुगली करने वालों को अंधेरे में तड़पाया जाता है।' पाप के ज्ञान-नाश का प्रतीक।

अंध तामिस्रअंधकारनरक
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तामिस्र नरक में जीव को कैसे रखा जाता है?

तामिस्र में — अंधकारमय गुफा में बंद, कोई प्रकाश नहीं, लोहे की छड़ों से लगातार पिटाई, ऊपर से कौवे-उल्लू नोचते हैं। 'कोई शांति नहीं — केवल तड़प।'

तामिस्र नरकअंधकारयातना विधि
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असिपत्रवन नरक में जीव को कैसे घायल किया जाता है?

असिपत्रवन में — तलवार जैसे तीखे पत्तों वाले 2000 योजन के वन में दौड़ाया जाता है, पत्ते अंगों को काटते हैं। मित्र-द्रोही और घर में आग लगाने वाले पहले अग्निकुंड में, फिर इस वन में।

असिपत्रवन नरकयातनातलवार जैसे पत्ते
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कालसूत्र नरक में जीव को कैसे जलाया जाता है?

कालसूत्र में — आग पर चलाया जाता है। तप्त-लोह जैसी धधकती भूमि पर चलना पड़ता है — ऊपर से भी अग्नि। 'समय बर्बाद करने वाले को कालसूत्र की आग।' पाप-फल तक यातना जारी।

कालसूत्र नरकयातनाआग
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रौरव नरक में जीव को कैसे काटा जाता है?

रौरव में — रुरु नामक भयानक जीव नोचता-काटता है, झूठी गवाही वाले को ईख की तरह पेरा जाता है। अग्निकुंड में जलाया जाता है। 'रौरव नाम रुरु जीव के कारण।'

रौरव नरकयातनारुरु जीव
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कुंभिपाक नरक में जीव को कैसे उबाला जाता है?

कुंभिपाक में — विशाल कड़ाही में खौलते तेल में डाला जाता है, साथ में जलती रेत की यातना भी। 'कुंभी (कड़ाही) + पाक (पकाना)' — नाम में ही विधि। मृत्यु नहीं — पाप-फल तक पकाई।

कुंभिपाकयातना विधिखौलता तेल
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किस पाप के लिए विशेष नरक मिलता है?

प्रत्येक पाप के लिए विशेष नरक — झूठ→रौरव, हिंसा→कुंभीपाक, स्त्री-अपमान→शूकरमुख, मित्र-द्रोह→असिपत्रवन, समय-बर्बादी→कालसूत्र। 'हर दंड न्यायसंगत है — पाप के अनुसार।'

विशेष नरकपाप सूचीकर्मफल
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किस पाप के लिए महा रौरव नरक मिलता है?

महारौरव नरक — निर्दोष प्राणियों की बड़े पैमाने पर हत्या, भीषण हिंसा और अनुचित तरीके से प्राण-हरण पर। 21 प्रमुख नरकों में तीसरे स्थान पर। 'कल्पान्त तक यातना।'

महा रौरवपापनिर्दोष हत्या
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किस पाप के लिए शूकरमुख नरक मिलता है?

शूकरमुख नरक — स्त्री का अपमान, उत्पीड़न और शोषण पर। 'सूकरमुख नरक में स्त्री का अपमान करने वालों को सूअर नोचते हैं।' जिसने स्त्री को पशुवत समझा — उसे पशु नोचते हैं।

शूकरमुख नरकपापस्त्री अपमान
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किस पाप के लिए शाल्मली नरक मिलता है?

शाल्मली नरक — परस्त्री-गमन और पति को दोष लगाकर परपुरुष से संबंध, झूठी गवाही, छल से धन-अर्जन पर। 5 योजन विस्तृत शाल्मली वृक्ष पर नीचे मुख करके साँकलों में बाँधकर पिटाई।

शाल्मली नरकपापपरस्त्री
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किस पाप के लिए अंध तामिस्र नरक मिलता है?

अंधतामिस्र नरक — अधर्म से परिवार का पोषण, चुगली-पर-निंदा, और जीवनसाथी के प्रति गहरे विश्वासघात पर। तामिस्र से भी अधिक गहरा अंधकार — 'परम एकाकीपन और अंधकार की यातना।'

अंध तामिस्रपापकर्मफल
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किस पाप के लिए तामिस्र नरक मिलता है?

तामिस्र नरक — जीवनसाथी को धोखा, अनैतिक काम-संबंध (व्रत-श्राद्ध में), और निर्दोष जीव-हत्या पर मिलता है। 'घने अंधकार में लोहे की छड़ों से लगातार पिटाई' — यह तामिस्र की यातना है।

तामिस्र नरकपापकर्मफल
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किस पाप के लिए असिपत्रवन नरक मिलता है?

असिपत्रवन नरक — मित्र से विश्वासघात (प्रमुख) और घर-गाँव-जंगल में आग लगाना। 'मित्रों से दगा करने वाला इस नरक में गिराया जाता है।' पहले अग्निकुंड, फिर असिपत्रवन।

असिपत्रवन नरकपापमित्र-द्रोह
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किस पाप के लिए कालसूत्र नरक मिलता है?

कालसूत्र नरक — समय बर्बाद करना (प्रमुख), धर्म-दान-भक्ति के लिए समय न निकालना, आज का काम कल पर टालना, समय पर कर्तव्य न निभाना।

कालसूत्र नरकपापसमय बर्बाद
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किस पाप के लिए रौरव नरक मिलता है?

रौरव नरक — झूठी गवाही (ईख की तरह पेरना), लालच-ईर्ष्या, निर्दोष को कष्ट देना, पत्नी को प्रताड़ित करना और झूठ बोलना — इन पापों से रौरव नरक मिलता है।

रौरव नरकपापझूठी गवाही
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किस पाप के लिए कुंभिपाक नरक मिलता है?

कुंभिपाक नरक — ब्रह्महत्या, हिंसा को जीवनशैली बनाना, दूसरों की भूमि-संपत्ति हड़पना। 'गरम बालू, अंगारे और खौलते तेल' में यातना।

कुंभिपाकपापब्रह्महत्या
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शाल्मली नरक में क्या होता है?

शाल्मली नरक में — साँकलों से उल्टा लटकाकर पिटाई, वृक्ष के काँटे चुभना, भूख-प्यास की तीव्र पीड़ा और कोई रक्षक नहीं। परस्त्रीगामी और पति को दोष लगाने वाली स्त्री यहाँ पीड़ित होती है।

शाल्मली नरकयातनाशाल्मली वृक्ष
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शाल्मली नरक क्या है?

शाल्मली नरक = 'काँटेदार शाल्मली वृक्ष वाला नरक'। 5 योजन फैला, 1 योजन ऊँचा विशाल वृक्ष। पापियों को उल्टा लटकाकर साँकलों से बाँधकर पीटा जाता है। 21 प्रमुख नरकों में वर्णित।

शाल्मली नरकपरिभाषाशाल्मली वृक्ष
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शूकरमुख नरक में किसे डाला जाता है?

शूकरमुख नरक में — स्त्री का अपमान करने वाले, शोषण करने वाले, स्त्री-बाल धन छीनने वाले। 'स्त्री का अपमान करने वालों को सूअर नोचते हैं।'

शूकरमुख नरकपात्रस्त्री अपमान
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शूकरमुख नरक क्या है?

शूकरमुख = 'सूअर के मुख वाला नरक'। असंख्य सूअर पापियों को नोचते हैं। 'स्त्री का अपमान करने वालों को सूअर नोचते हैं।' — गरुड़ पुराण का वचन।

शूकरमुख नरकपरिभाषासूअर
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असिपत्रवन नरक में किस प्रकार की यातना दी जाती है?

असिपत्रवन में — तलवार-पत्तों से अंग छिन्न-भिन्न, दावाग्नि, भयावह पक्षियों का आक्रमण, सिंह-व्याघ्र-कुत्तों द्वारा भक्षण। पहले अग्नि यातना, फिर छाया माँगने पर असिपत्रवन।

असिपत्रवन नरकयातनातलवार पत्ते
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असिपत्रवन नरक क्या है?

असिपत्रवन = 'तलवार जैसे पत्तों वाला वन'। 2000 योजन विस्तार। पेड़ों पर पत्तों की जगह तीखी तलवारें। दावाग्नि और भयावह पक्षियों से व्याप्त। गरुड़ पुराण अध्याय 2 व 4 में वर्णित।

असिपत्रवन नरकपरिभाषातलवार पत्ते
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कालसूत्र नरक में क्या कष्ट होता है?

कालसूत्र में — आग पर नंगे पाँव चलाया जाता है, काल-सूत्र से बाँधकर भागना असंभव, कोई छाया-विश्राम नहीं। 'समय बर्बाद किया, इसलिए समय की यातना।'

कालसूत्र नरककष्टआग
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कालसूत्र नरक क्या है?

कालसूत्र = 'काल के धागे का नरक'। 21 प्रमुख नरकों में से एक। 'समय बर्बाद करने वालों को आग पर चलाया जाता है।' कालसूत्र से बाँधकर यातना — भागना असंभव।

कालसूत्र नरकपरिभाषासमय
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अंध तामिस्र नरक में क्या कष्ट मिलता है?

अंधतामिस्र में — असंख्य जौंकें रक्त चूसती हैं, परम अंधकार में तड़पाया जाता है, लोहे की छड़ों की अदृश्य पिटाई और भयावह पक्षियों का आक्रमण। रक्त चूसकर पुनः भरने का चक्र।

अंधतामिस्र नरककष्टजौंक
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अंध तामिस्र नरक क्या है?

अंधतामिस्र = 'परम अंधकार'। जौंकें रक्त चूसती हैं। माता-पिता-मित्र की हत्या करने वाले और परिवार से विश्वासघात करने वाले यहाँ जाते हैं। तामिस्र से भी अधिक भयंकर।

अंधतामिस्र नरकपरिभाषापरम अंधकार
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तामिस्र नरक क्या है?

तामिस्र = 'घना अंधकार'। 21 प्रमुख नरकों में प्रथम। अंधकारमय गुफा, लोहे की पट्टियों-मुग्दरों से पिटाई। चोरों और धोखेबाजों के लिए यह नरक है।

तामिस्र नरकपरिभाषाअंधकार
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महा रौरव नरक में क्या होता है?

महारौरव में — रौरव से अधिक विषैले रुरु सर्पों का निरंतर दंश, तीव्र अग्नि-यातना, रौरव से अधिक लंबा दंड-काल। 'निर्दोष की हत्या करने वालों के लिए' — रौरव से भी कठोर दंड।

महारौरव नरकयातनारुरु सर्प
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महा रौरव नरक क्या है?

महारौरव = रौरव से भी अधिक भयंकर नरक। 21 प्रमुख नरकों में सम्मिलित। 'निर्दोष प्राणियों की हत्या करने वालों के लिए।' रुरु सर्पों की अधिक संख्या और तीव्र विष।

महारौरव नरकपरिभाषानरक
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रौरव नरक में क्या कष्ट मिलता है?

रौरव नरक में — विशाल अग्निकुंड, जलती भूमि, लोहे के तीरों से बींधना, ईख की तरह पेरना और रुरु सर्पों का दंश। मृत्यु नहीं आती — यातना तब तक जारी।

रौरव नरककष्टयातना
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रौरव नरक में किसे भेजा जाता है?

रौरव नरक में — झूठी गवाही देने वाले, लालची-ईर्ष्यालु-स्वार्थी, झूठ बोलने वाले, निर्दोष को कष्ट देने वाले और पत्नी को प्रताड़ित करने वाले भेजे जाते हैं।

रौरव नरकपात्रझूठी गवाही
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रौरव नरक क्या है?

रौरव = 'रुरु सर्प' या 'चीत्कार' से बना नाम। 21 प्रमुख नरकों में से एक। विशाल अग्निकुंड, जलती भूमि, लोहे के जलते तीरों से बींधना, ईख की तरह पेरना — यह रौरव नरक का स्वरूप है।

रौरव नरकपरिभाषानरक
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क्या नरक में जीव को पुनः जीवित किया जाता है?

हाँ। नरक में जीव बार-बार जीवित किया जाता है — 'पिटाई तब तक जब तक दंड अवधि समाप्त नहीं।' बेहोश होने पर यमदूत जगाते हैं। पाप-फल पूरा होने पर शुद्ध होकर पुनर्जन्म।

नरकपुनः जीवितयातना
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कुंभिपाक नरक में क्या कष्ट होता है?

कुंभिपाक में — खौलते तेल में उबाला जाना, जलती रेत में फेंका जाना, मृत्यु नहीं — बार-बार यातना। 'आत्मा पकाई जाती है पर नष्ट नहीं होती।' पाप-फल समाप्त होने तक जारी।

कुंभिपाककष्टखौलता तेल
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कुंभिपाक नरक में किसे डाला जाता है?

कुंभिपाक में — ब्राह्मण-हत्यारे, हिंसा को जीवनशैली बनाने वाले, दूसरों की संपत्ति हड़पने वाले और निर्दोष जीवों की बड़े पैमाने पर हत्या करने वाले भेजे जाते हैं।

कुंभिपाकपात्रब्रह्महत्या
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कुंभिपाक नरक क्या है?

कुंभीपाक = 'कड़ाही में पकाने का नरक'। खौलते तेल या जलती रेत में आत्मा को पकाया जाता है। ब्रह्महत्यारे, हिंसक और संपत्ति हड़पने वाले यहाँ जाते हैं। गरुड़ पुराण के सर्वाधिक भयंकर नरकों में।

कुंभिपाकनरकपरिभाषा
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क्या नरक में जीव को काटा जाता है?

हाँ। नरक में — जलते तीरों से बींधना, संडासियों से माँस नोचना, पक्षियों की चोंच, लोहे की कीलें (लोहशंकु), बीच से चीरना (निर्भक्षण), काँटेदार पेड़ (शल्मली)।

नरककाटनायातना
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क्या नरक में जीव को आग में डाला जाता है?

हाँ। रौरव (अग्निकुंड), कुंभीपाक (खौलता तेल), सूलप्रोत (ज्वालाओं में), तप्तलोहमय (तपता लोहा), तप्तकुंभ (खौलता बर्तन), कालसूत्र (आग पर चलना) — अनेक नरकों में अग्नि-यातना।

नरकआगकुंभिपाक
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क्या नरक में जीव को अंधकार में रखा जाता है?

हाँ। तामिस्र नरक (अंधकारमय गुफा), अंधतामिस्त्र नरक (परम अंधकार, अधर्म के लिए), अंधतोमिस्र नरक (चुगली पर अंधेरे में तड़पाना)। पाप ज्ञान नष्ट करता है — इसीलिए अंधकार।

नरकअंधकारतामिस्र
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क्या नरक में जीव को विश्राम मिलता है?

नरक में विश्राम नहीं — 'केवल तड़प ही उसका भाग्य।' बेहोश होने पर भी यमदूत जगाते हैं। 'नरक में दुःख की अधिकता है।' दानी पुण्यात्मा को यममार्ग पर कुछ राहत।

नरकविश्रामयातना
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क्या नरक में जीव को मृत्यु नहीं आती?

नरक में मृत्यु नहीं — 'आत्मा जलती रहती है पर भस्म नहीं होती।' पाप-फल पूरा भोगने तक यातना जारी। बेहोश होने पर भी यमदूत जगाते हैं। पाप-फल समाप्त होने पर अगले जन्म।

नरकमृत्यु नहींयातना
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छल करने वाले को क्या दंड मिलता है?

छल करने वाले को — तमिश्रम नरक (बार-बार पिटाई), गर्म रेत-अंगारे पर चलना, शाल्मी-वृक्ष, गुरु को धोखे पर महापातक नरक। पुनर्जन्म में उल्लू योनि।

छलदंडतमिश्रम
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हिंसा करने वाले को क्या दंड मिलता है?

हिंसा करने वाले को — कुंभीपाक नरक (खौलता तेल), क्रीमिक नरक (कीट), सूलप्रोत नरक (लोहे के शूल), तामिस्र नरक (पिटाई)। पुनर्जन्म में हिंसा का शिकार।

हिंसादंडकुंभिपाक
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ईर्ष्या करने वाले को क्या दंड मिलता है?

ईर्ष्यालु को — रौरव नरक (अग्नि-यातना), निंदा पर संधांश नरक (नाखूनों से खरोंचना), दूसरों के कलह में प्रसन्नता पर नरक। ईर्ष्यालु का जीवन दुखी — पुनर्जन्म में अभाव।

ईर्ष्यादंडरौरव
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क्रोध करने वाले को क्या दंड मिलता है?

क्रोधी को — क्रोध में हिंसा पर लोहशंकु-क्रीमिक नरक, स्त्री-पीड़न पर रौरव नरक (कष्ट कई गुना), अन्याय पर सुघोर्म नरक (खौलता तेल)। पुनर्जन्म में उसी हिंसा का शिकार।

क्रोधदंडनरक
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लोभ करने वाले को क्या दंड मिलता है?

लोभी को — रौरव नरक (अग्निकुंड), लोभ से जीव-हत्या पर तामिस्र नरक (पिटाई), संपत्ति हड़पने पर तमिश्रम नरक। 'अकेला ही अंधकारपूर्ण नरक में जाता है।' पुनर्जन्म में दरिद्रता।

अधर्म करने वाले को क्या दंड मिलता है?

अधर्म करने वाले को — अंधतामिस्त्र नरक (परम अंधकार), विदीर्ण नरक (अंग-भंग), तप्तलोहमय (तपता लोहा)। मृत्यु में यमदूत पाश बाँधकर घसीटते हैं। इस जीवन में दुर्भाग्य।

अधर्मदंडअंधतामिस्त्र
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पाप करके पछतावा न करने वाले को क्या दंड मिलता है?

पाप करके पछतावा न करने वाले को — एक नरक से दूसरे नरक, दंड में कोई राहत नहीं। 'एक दुःख के बाद दूसरा दुःख।' पश्चाताप बिना मृत्युकाल का अवसर भी गँवाता है।

पछतावापापदंड
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दान न करने वाले को क्या दंड मिलता है?

दान न करने वाले को — यमदूत का उलाहना, यममार्ग पर भूख-प्यास, वैतरणी की गंदगी, भोजन न बाँटने पर कीड़ों वाला नरक और पुनर्जन्म में दरिद्रता।

दान न करनादंडवैतरणी
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जीवन एवं मृत्यु — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर जीवन एवं मृत्यु श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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जीवन एवं मृत्यु को गहराई से समझने का तरीका

जीवन एवं मृत्यु के पेज 2 प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

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पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

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